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Bollywood Bollywood चंडीगढ़/जालंधर. पंजाब सरकार ने पंजाबी भाष, संस्कृति के विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर की संस्था स्थापित करने का फैसला किया है। उच्च शिक्षा, भाषा मंत्री डॉ. उपिंदरजीत कौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में संस्था के गठन पर विचार किया गया। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए मुक्त विश्वविद्यालय स्थापित करने पर भी विचार किया गया।
इस संबंधी मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार हरचरन बैंस ने बताया कि पंजाबी मातृ-भाष में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित व्यावसायिक सर्टिफिकेट, डिप्लोमा कोर्स शुरू करने पर भी विचार किया गया। मीटिंग में शामिल जीएनडीयू के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. सतिंदर सिंह ने बताया कि यह संस्था पंजाबी भाषा विभाग का विशाल स्वरूप होगी। इसे भी पटियाला में खोलने का प्रस्ताव है। हालांकि इसके लिए प्राथमिक नियमावली तैयार नहीं है।
ये कोर्स करवाए जाएंगे संस्था में कार्यालय प्रबन्ध, पंजाबी अनुवाद, पंजाबी कोषकारी, पंजाबी कम्पयूटर टाइपिंग व सॉफ्टवेयर डिवैलपमैंट, पंजाबी प्रूफ रीडिंग, पंजाबी पत्रकारिता व लोक सम्पर्क पंजाबी न्यूज रीडिंग, मंच संचालन और रेडियो जॉकी, फिल्म निर्देशन, निर्माण एवं पटकथा पंजाबी लोक कला और पंजाबी सांस्कृतिक पोशाक डिजाइनिंग आदि।
बैंस ने बताया कि प्रस्तावित संस्था के संचा¶न के लिए विभिन्न विभाग भी स्थापित करने पर भी विचार हुआ जिनमें कम्प्युटर और भाष लैबोरेटरी, अनुवाद और तुलनात्मक साहित्यिक अध्ययन, प्रवासी एवं एनआरआई युनिट, पाठ्य सामग्री उत्पादन युनिट, प्रैस और प्रकाशन युनिट और प्रशासन युनिट शामिल हैं। इन विभिन्न विंगों और विभागों के गठन हेतू स्टॉफ और वित्तीय प्रबंध संबंधी रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक बजट कमेटी स्थापित करने के लिए भी विचार हुआ जो शीघ्र अपनी रिपोर्ट कमेटी को प्रस्तुत करेगी।
बैठक के दौरान डॉ.उपिन्द्रजीत कौर ने बताया कि प्रस्तावित संस्था वर्तमान भाष विभाग, पंजाब और पंजाब राज्य यूनिवर्सिटी टैक्सट बुक बोर्ड को आधुनिक लाइन पर लाएगी। इसके अलावा संस्था पंजाब की सभी यूनिवर्सिटीÊा और संबंधित संस्थाओं से तालमेल करेगी। संस्था प्रमुख डायरैक्टर जनरल होगा जिसका रुतबा वाइस चांसलर के समान होगा।