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‘अन्याय नहीं सहें ब्राrाण’

अजमेर. जातिगत की बजाय ब्राrाणों को आर्थिक आधार पर आरक्षण मांगना चाहिए। क्योंकि ब्राrाण श्रेष्ठ है, याचक नहीं। यह विचार आर्थिक नीति एवं सुधार परिषद के उपाध्यक्ष हरिशंकर भाभड़ा ने बुधवार को सूचना केंद्र में राजस्थान ब्राrाण महासभा के तत्वावधान में भगवान परशुराम जयंती के मौके पर आयोजित समारोह में व्यक्त किए। मौके पर ब्राrाण समाज की 22 प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया।

भाभड़ा ने कहा कि जिस प्रकार भगवान परशुराम ने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उसी प्रकार ब्राrाणों को अपने हकों के लिए लड़ाई लड़नी चाहिए। भाभड़ा ने ब्राrाण समाज को एकता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि समाज को राजनीतिक तौर पर एक नहीं होना चाहिए।

सारस्वत, पाराशर, गौड़, गुर्जर गौड़ एवं दाधीच ब्राrाण समाज को एकसूत्र में बंधने के लिए रोटी के साथ बेटी का व्यवहार भी करना चाहिए ताकि अंतरजातीय विवाह पर रोक लग सके। विशिष्ट अतिथि शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत श्यामसुंदरशरण देवाचार्य ने की। पाराशर ब्राrाण परिषद की ओर से वैशालीनगर स्थित दुर्गा माता मंदिर में महर्षि परशुराम जयंती मनाई गई।

पुस्तक का विमोचन : शिक्षाविद् हरिशंकर भार्गव की पुस्तक ‘आर्य जीवन, ब्राrाण धर्म और हिन्दुत्व के रक्षक परशुराम’ का विमोचन भी किया गया।

दाधीच समाज ने किया स्वागत : अजमेर दाधीच ब्राrाण समाज के अध्यक्ष केके त्रिपाठी व अन्य पदाधिकारियों नवलकिशोर कासल्या, भाजपा मंडल अध्यक्ष सीताराम शर्मा, दाधीच युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अतुल दाधीच, मनीष व्यास, राकेश दाधीच आदि ंने बुधवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री हरिशंकर भाभड़ा का माल्यार्पण कर स्वागत किया। पदाधिकारियों ने भाभड़ा से समाज के मंदिर शिवकुंड के विकास के संबंध में चर्चा भी की।

पुष्कर में : अखिल राजस्थान परशुवंशीय आदि गौड़ ब्राrाण महासभा की ओर से बुधवार को यहां परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा कस्बे में शोभा यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे के साथ धर्मशाला से निकली शोभा यात्रा में परशुराम समेत अनेक देवी- देवताओं की झांकियां सजाई र्गई।

‘भगवान परशुराम ब्रrा समाज के रक्षक थे’
अखिल भारतीय ब्राrाण युवा संगठन की ओर से पुष्कर रोड स्थित परशुराम सर्किल पर हुए आयोजन में खासी तादाद में समाज के लोग उपस्थित थे। मौके पर समाज के स्वतंत्रता सेनानी वैद्य ज्योतिस्वरूप शर्मा का अभिनंदन किया गया।

मुख्य अतिथि एवं राजस्थान साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष बद्रीप्रसाद पंचौली ने परशुराम के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। संन्यास आश्रम के महंत श्याम शरण महाराज ने कहा कि भगवान परशुराम ब्रrा समाज के रक्षक थे और ब्रrा द्रोहियों का नाश करने वाले थे। शहर अध्यक्ष अरविंद पाराशर ने ब्रrा समाज की उपेक्षा पर नाराजगी जताई। वैद्य ज्योति स्वरूप शर्मा को श्रीफल भेंट कर व शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया।





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