जयपुर. साफ्टवेयर इंजीनियर पूर्वा शर्मा ने एक घर की चाहत में माई हवेली में पौने दो लाख रुपए देकर फ्लैट बुक कराया था और इस पर बैंक से फाइनेंस भी ले लिया था। उसे जैसे ही खबर मिली कि इस जमीन को सरकार ने अधिग्रहीत कर लिया है तो उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें आ गई।
पूर्वा का कहना था कि जेडीए से पता करके ही गाढ़ी कमाई से यहां फ्लैट बुक कराया था, पर अब उसे अपनी रकम की चिंता सता रही है। पूर्वा जैसे करीब एक हजार लोग हैं, जिन्होंने अपने घर की चाहत में यहां फ्लैट बुक कराए।
इसी तरह निजी बैंक में सेवारत अभिषेक ने तीन लाख रुपए देकर लक्जरी फ्लैट बुक कराया था, ताकि जयपुर में घर बना सके। उसने कर्ज लेकर फ्लैट बुक कराया था, अब वह रकम को लेकर चिंतित है।
माई हवेली में कई निवेशकों ने भी मुनाफे के लालच में एक साथ फ्लैट बुक करा दिए थे। उन्हें भी अपनी रकम डूबती नजर आ रही है। ऐसे ही एक निवेशक के अनुसार उसने 10 लाख रुपए देकर चार फ्लैट बुक कराए थे।
कई निवेशकों ने कहा कि राज्य सरकार को यह कार्रवाई करनी ही थी तो पहले करती। ऐसे तो सरकार से विश्वास ही उठ जाएगा। मालवीयनगर निवासी अशोक शर्मा और उनकी पत्नी आशा ने काफी जांच-पड़ताल कर यहां फ्लैट बुक कराया। बुधवार को उनके मित्र ने जमीन के अधिग्रहण की सूचना दी तो वे हक्के-बक्के रह गए।
उन्होंने कंपनी में भी फोन किया, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला। इस दंपती का कहना था कि वे पांच साल से किराए के मकान में रह रहे थे। उन्होंने अपनी सारी जमा पूंजी लगा कर फ्लैट बुक कराया था। अब उनकी रकम वापस कैसे मिलेगी, यही चिंता सता रही है।
गाढ़ी कमाई के 20 करोड़ रु. दांव पर
अब तक हजार से भी ज्यादा फ्लैट बुक हो चुके हैं। एक फ्लैट की बुकिंग अगर दो लाख रुपए में भी हुई हो तो लोगों के 20 करोड़ रुपए अब तक लग चुके हैं। हालांकि बड़े फ्लैटों की बुकिंग राशि दो लाख से कहीं ज्यादा है।