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दुकानें बंद, कौन बांटेगा खाद्य तेल

जोधपुर. एक तरफ बाजार में बढ़ती महंगाई में राहत का तड़का लगाते हुए आम उपभोक्ता को अब राशन की दुकानों पर खाद्य तेल उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ नब्बे फीसदी राशन की दुकानें बंद पड़ी हैं, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली पूरी तरह से चरमरा गई है।

केंद्रीय खाद्य मंत्री ने बाजार में बढ़ते खाद्य तेलों की कीमत पर अंकुश लगाने के साथ ही आम उपभोक्ता को इससे राहत दिलाने के लिए राशन की दुकान से खाद्य तेल उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए राज्य सरकार से प्रदेश में तेल की आवश्यकता की जानकारी मांगी है। प्रदेश सरकार ने जिला रसद अधिकारियों से जिले में राशन कार्ड वाले उपभोक्ताओं की संख्या और उसके अनुसार डिमांड नोट मांगा है।

जिला रसद विभाग ने हाल ही प्रत्येक परिवार को एक किलो खाद्य तेल उपलब्ध कराने का आकलन किया है। इस हिसाब से जिले में 7 लाख 76 हजार 777 किलो खाद्य तेल की जरूरत बताते हुए डिमांड नोट भेजा है। केंद्र से जैसे ही पूरे प्रदेश का डिमांड नोट मिलेगा, उसी के आधार पर सोयाबीन तेल की सप्लाई मिलेगी। रसद विभाग कंट्रोल रेट का यह खाद्य तेल राशन की दुकानों से वितरित करेगा।

राशन के दुकानों की हालत
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित कुल 7 111 राशन की दुकाने हैं। इनमें से 90 फीसदी दुकानों पर हमेशा ताले लटकता देखा जा सकता हैं। इन दुकानों पर कंट्रोल रेट पर मिलने वाला गेहूं, चीनी और केरोसिन सीधे की कालाबाजारी के लिए मार्केट में चला जाता है। वहीं लंबे समय से राशन की दुकानें नहीं खुलने से अब आम उपभोक्ता भी इन दुकानों को लगभग भूल चुका है।

ऐसे में चरमराई सार्वजनिक वितरण प्रणाली से रसद विभाग कितने उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत दिला पाएगा। संभावना यह व्यक्त की जा रही है कि खाद्य सामग्री और केरोसिन की तर्ज पर खाद्य तेल भी कालाबाजारी को भेंट चढ़ सकता है। ऐसे में आम उपभोक्ता को राहत मिलना मुशिकल नजर आ रही है।

>> प्रत्येक परिवार को एक किलो सोयाबीन तेल देने की योजना है। यह खाद्य तेल सभी उपभोक्ताओं तक राशन की दुकानों से परिवार का राशन कार्ड देख कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली से ही वितरित करने की योजना है। अभी इस योजना के तहत खाद्य तेल केवल बीपीएल परिवारों को दिया जाएगा या सभी राशन कार्ड धारकों को मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है । सरकार ने रसद विभाग से जिले की डिमांड मांगी थी जो भेज दी गई है।
यासीन पठान, जिला रसद अधिकारी, जोधपुर





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