नई दिल्ली. आज सर्वोच्च न्यायलय ने एम्स निदेशक वेणुगोपाल को बड़ी राहत देते हुए कहा कि कानून बनाकर वेणुगोपाल को हटाना बिल्कुल गलत और असंवैधानिक है। सुप्रिम कोर्ट ने कहा है कि स्वायत्त संसधानों के कामकाज में सरकार को दखल नहीं देना चाहिए। कोर्ट ने कहा वेणुगोपाल अपना निश्चित कार्यकाल पूरा करेगें।
इस निर्णय के साथ वेणुगोपाल अपने पद पर बनें रहेंगे। गौरतलब है कि 30 नंवबर 2007 को केन्द्र सरकार ने कानून में संसोधन करके वेणुगोपाल को उनके पद से हटा दिया था। इस कानून के अनुसार 65 साल या फिर 5 साल का कार्यकाल इसमें से जो पहले पूरा होने के स्थिती में निदेशक का पद छोड़ना होगा।
सरकार के इस कानून को चुनौती देते हुए वेणुगोपाल ने सर्वोच्च न्यायलय में याचिका दायर दी थी। गौरतलब है कि वेणुगोपाल 3 जुलाई 2003 को एम्स के निदेशक बने थे और उनका कार्यकाल 3 जुलाई 2008 को खत्म होगा। न्यायलय के इस फैसले को वेणुगोपाल की जीत और स्वास्थय मंत्री रामादौस की हार मानी जा रही है।