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International International काठमांडू.
न्याय व सुरक्षा पाने की उम्मीदों के साथ कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज ने अब माओवादियों से अपील की है। इससे पहले वह संयुक्त राष्ट्र, फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और नेपाल के राजा ज्ञानेंद्र से भी अपील कर चुके हैं।
चाल्र्स शोभराज को 2003 में काठमांडू में गिरफ्तार किया गया था और 1970 में एक अमेरिकी पर्यटक की हत्या के जुर्म में उन्हें 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी।
नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय में अपनी सजा के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे फ्रांसीसी नागरिक शोभराज ने वहां की कद्दावर नेता व योजना और कार्य मंत्री हिसिला यामी को एक पत्र लिखा है। यामी माओवादियों में दूसरे नंबर के नेता बाबूराम भट्टराई की पत्नी हैं।
शोभराज ने इस अपील की प्रतियां माओवादियों के सर्वोच्च नेता प्रचंड, उनके नंबर दो नेता बाबूराम भट्टराई, फ्रांसीसी राष्ट्रपति सरकोजी और नेपाल में फ्रांसीसी राजदूत के पास भी भेजी है।
चार पन्नों के अपने पत्र में शोभराज ने जेल में रहने के दौरान किए गए जनकल्याण के कार्यो का भी हवाला दिया है। शोभराज ने लिखा है कि उसने 2006 में प्रदर्शनों के दौरान मारे गए दो माओवादियों की विधवाओं की मदद की थी।
शोभराज ने एक माओवादी कैदी की आंखों के इलाज में भी आर्थिक सहायता देने का जिक्र किया है।
शोभराज ने लिखा है कि एक फ्रांसीसी नागरिक होने के नाते वह दमन के खिलाफ गौरव, भातृत्व, समानता और स्वतंत्रता के लिए लड़ने वालों का हमेशा समर्थन करते रहे है।
राजा ज्ञानेंद्र के शासन के दौरान भी शोभराज के वकील ने उन्हें पत्र लिखकर क्ष्मा याचना की गुहार लगाई थी, लेकिन राजा ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया।