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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior भिंड. पुलिस विभाग के तेजतर्रार टीआई रमाकांत वाजपेयी की गत रोज संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाने के बाद हुई मौत से स्थानीय पुलिस अधिकारी खासी परेशानी में है। टीआई वाजपेयी की जेब से मिले सुसाइड नोट में कई बड़े पुलिस अधिकारियों के नाम आने के बाद भिंड पुलिस उसकी जांच से पल्ला झाड़ सकती है।
जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के एक निजी नर्सिग होम में टीआई वाजपेयी की जेब से तलाशी के दौरान सुसाइड नोट के बरामद होने के बाद न सिर्फ चंबल रेंज,बल्कि भोपाल के भी कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के चेहरों से हवाइयां उड़ रही हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 18 पैरा में लिखे गए इस सुसाइड नोट में टीआई वाजपेयी ने अधिकांश पैरा भोपाल में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा को लेकर लिखे हैं। कमलेश मिश्रा से उनका तब संपर्क हुआ था जब वे भोपाल में पदस्थ थे। यह बात सन 2000 के आसपास की है। श्री वाजपेयी कमलेश मिश्रा से उनके पति एसआई पीके मिश्रा के माध्यम से संपर्क में आए थे। सुसाइड नोट में उन्होंने कमलेश मिश्रा द्वारा आर्थिक रूप से शोषित किए जाने की जानकारी के साथ-साथ यह भी लिखा है कि वह उन्हें जब-तब धमकियां भी देती थी। उक्त पत्र में चंबल रेंज के एक अधिकारी के अलावा भोपाल में पदस्थ एक एडीशनल डीजी स्तर के अधिकारी का नाम भी सामने आया है।
हालांकि अभी किसी भी पुलिस अधिकारी ने सुसाइड नोट में लिखे गए किसी भी अधिकारी के नाम का जिक्र नहीं किया है। सुसाइड नोट मिलने के बाद मालनपुर थाना पुलिस द्वारा पत्र में लिखे जिन नामों का उल्लेख किया गया है,उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज करना चाहिए था लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि चूंकि मामला हाईप्रोफाइल है,इसलिए अब भिंड पुलिस किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने से बचना चाह रही है। बताया जाता है कि आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज होने से पहले उक्त सुसाइ़ड नोट तथा घटना की सीआडी जांच कराए जाने के आदेश भी जारी हो सकते हैं।