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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. जिले में शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के आदिवासी बच्चों के पोषण और उनमें पनप रही बीमारियो की रोकथाम के प्रयास पर जोर दिया गया ।
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि नवजात शिशुओं में बाल्यावस्था के दौरान होने वाली बीमारियों की देखभाल के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है । इस कार्यक्रम के तहत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के शिशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए सुपरवाइजर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता संयुक्त रूप से प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि इस काम के लिए 2208 महिला कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है । बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरके मिश्रा, मुख्य चिक्तिसा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा दिनेश कौसल, जिला महिला एवं बालविकास अधिकारी एसके शर्मा जिले के अनेक ब्लाक मेडीकल आफीसर, परियोजना अधिकारी ,यूनिसेफ के सुपरवाइजरएवं अनेक समाज सेवी संसेथाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे ।
एनजीओ को भी दिए निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने जिले के एनजीओ समेत सभी जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला अभी सूखे के हालात से गुजर रहा है साथ ही यहां अभी पेयजल संकट भी है ऐसी स्थिति में यूनीसेफ के पदाधिकारी और एनजीओ समय बद्ध कार्यक्रम तय कार्यवाही सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के अमोला, मितलौनी और कांठी में नई बस्ती सिरसौत कालोनी में नवजात शिशुओं को जरूरत के हिसाब उपचार दिलाएं । उन्होंने कहा कि इस काम में पीएचई, के अधिकार कर्मचारियों को भी जोड़ें । साथ ही उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया कि वह खाद्यान्न वितरण मध्यान्ह भोजन और पोषण आहार प्रदान करने के लिए प्रबंध करें ।