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ढाई करोड़ ले भागा था ‘आईएएस का बेटा’

इंदौर. पिछले दिनों खुद को आईएएस अफसर का बेटा बताकर कमल पुरुषोत्तम पांडे नामक एक व्यक्ति टेलीकॉम कंपनी के टॉवर लगाने में पाटर्नरशिप के नाम पर और भी कई रसूखदारों से ढाई करोड़ रुपए ठगकर भागा है। ठगाए लोग दोहरी मुसीबत में हैं। एक तो टैक्स और बदनामी के डर से वे ठगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करा रहे हैं और न ठग के फ्लैट में रखा लाखों का सामान ले सकते।

कमल पांडे ने न्यू पलासिया निवासी प्रापर्टी ब्रोकर राम व श्याम गुप्ता से मेलजोल बढ़ाकर कहा था मुझे एयरपोर्ट अथॉरिटी, ग्लोबल एडवट्राइजमेंट के नाम से दो साल के लिए कांट्रेक्ट मिला है इसलिए किराए से फ्लैट चाहिए। गुप्ता बंधु ने उसके दो बच्चे व दो महंगी कारें देख उसे शालीमार टॉउनशिप में फ्लैट दिला दिया। इसके बाद उसने गुप्ता बंधु से कहा मुझे वोडाफोन टेलीकॉम कंपनी की ओर से म.प्र. में टॉवर लगाने का ठेका भी मिल रहा है लेकिन 25 लाख कम पड़ रहे हैं इसलिए आप मेरे साथ पाटर्नरशिप कर लो। गुप्ता बंधु सहमत हुए तो वह दोनों को प्लेन से मुंबई ले गया और रामी इंटरनेशनल होटल में ठहराया। दूसरे दिन कंपनी के ऑफिस भी ले गया और अधिकारियों से मिलवाकर नक्शा बताया। वहीं कंपनी में 1.20 करोड़ रु. जमा कराने के नाम पर उसने गुप्ता बंधु से 25 लाख रु. ले लिए। इसके बाद फ्लैट में ताला लगाकर भाग गया।

गुप्ता बंधु ने पुलिस में रिपोर्ट करवाई। फिर फरियादी और पुलिस ने बेंगलूर में वोडाफोन कंपनी से तलब किया तो पता चला कि पांडे ने कोई अनुबंध नहीं किया है। इस बीच इंदौर के ही कुछ बिल्डरों व रसूखदार लोगों ने संपर्क कर पांडे के बारे में पूछा तो कुछ शालीमार टाउनशिप उसके फ्लैट पर पहुंचे। इन लोगों से भी पांडे ने खुद को बेंगलूर के आईएएस अफसर का बेटा बताकर पार्टर्नरशिप के नाम डेढ़ करोड़ रु. से ज्यादा ठग लिए।

कर्नाटक व आंध्रप्रदेश के कुछ ट्रेवल्स संचालक और व्यापारी भी इंदौर पहुंचे और उसके बारे में पूछताछ की। इन सभी से पांडे ने कुल ढाई करोड़ रु. की ठगी की है। अब ठगाए लोगों की नजर उसके फ्लैट में रखे सामान पर है जिसकी कीमत लाखों में है। ये लोग सामान के लिए थाने के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन पुलिस का कहना है कि सामान एडजस्ट करने के मामले में जब्ती से लेकर सुपुर्दगी तक लंबी कोर्ट प्रक्रिया है।





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