HomeNewsMetrosIndore Indore

इंदौर से बहेगी विकास की गंगा

इंदौर. इंदौर ने अपने हाथों खुद की किस्मत लिखने का जो जज्बा दिखाया है, वह बाकी शहरों के लिए मिसाल है। इस शहर में अद्भूत अंदरुनी ताकत है, जो पूरे प्रदेश को नई दिशा देगी। सचमुच यह शहर है उजालों का।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने दैनिक भास्कर के रजत जयंती वर्ष में ‘आओ सारे, इंदौर संवारे’ अभियान के तहत गुरुवार शाम 56 दुकान एवं रवींद्र नाट्य गृह के कायाकल्प के लिए भूमिपूजन समारोह में कही। जनभागीदारी का यह अभियान नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की मदद से शुरू हुआ है। श्री चौहान ने कहा लोगों में एक धारणा बन गई है, जो भी काम होगा सरकार करेगी। इंदौर ने इसे बदला है। कोई सरकार अकेले काम नहीं कर सकती। साढ़े छह करोड़ जनता विकास में भागीदार हो जाए तो इंदौर ही नहीं पूरे प्रदेश का कायाकल्प हो जाएगा। उन्होंने अभियान के तहत बनाए कायाकल्प कोष में एक करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की।

भास्कर पत्र समूह के अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रवाल ने कहा सरकार सुविधाएं जुटाती भी है तो हम उन्हें खराब कर देते हैं। यह तब तक होता रहेगा, जब तक हम उन्हें अपना नहीं समझेंगे, मन से जनभागीदारी स्वीकार नहीं करेंगे। इंदौर में ऐसा माहौल बने कि हर शहर अपनी ताकत पहचाने और विकास के लिए काम करे। ‘भास्कर’ इसमें समन्वयक की भूमिका में है। हम जनता, प्रशासन और नेता को एक मंच पर लाने का काम कर रहे हैं। भास्कर समूह पर शहर का बड़ा ऋण है हम उसे उतारने की कोशिश कर रहे हैं। यदि रेत और पानी की कमी के बाद भी 10 लाख का दुबई दुनिया का बड़ा शहर बन सकता है तो इंदौर क्यों नहीं।

पूरे देश में अव्वल है इंदौर - महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा ने कहा जनभागीदारी के मामले में इंदौर देश में अव्वल है। हम दो पुरस्कार जीत चुके हैं और अगला पुरस्कार सिंगापुर में मिलने वाला है। शहर की जनता बहुत जागरूक है और वह विकास से जुड़े हर अभियान में मन से सहयोग कर रही है। उसके भरोसे ही हम 365 गार्डन बना चुके हैं और 101 गार्डन के लिए भूमिपूजन कर रिकॉर्ड कायम किया है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: