फिरोजपुरमेस के घटिया भोजन और बेवजह तंग करने से परेशान यहां से 47 किलोमीटर दूर नवोदय विद्यालय महियांवाला कलां के 123 छात्र बुधवार आधी रात को दीवार फांदकर हॉस्टल से भाग गए। प्रशासनिक अधिकारी पुलिस टीम के साथ मिलकर 36 किलोमीटर दूर गांव जमीतपुर ढेरू के गुरुद्वारे से 121 छात्रों को वापस ले आए।। दो छात्रों का पता नहीं है। इन दोनों पर चोरी का आरोप है।
पैदल ही तय किया छात्रों ने रास्ता
छात्रों ने बताया कि वे रात्रि करीब ११.३क् पर दीवार फांद कर 36 किलोमीटर दूर गांव करमूवाला पहुंचे। जहां पीर की दरगाह पर कुछ समय आराम किया। उसके बाद वह गांव जमीतपुर ढेरू के गुरुद्वारे में पहुंच गए। गांव के लोगों ने उनको गुरुद्वारा में ही ठहराया और खाना खिलाया।
क्या है छात्रों का आरोप
छात्रों ने कहा कि स्कूल प्रशासन को सबक सिखाने के लिए उन्होंने भागने का प्लॉन बनाया। उनका आरोप है कि पिछले दस वर्षो से एक ही व्यक्ति नाम बदल-बदल कर कैटरिंग का ठेका लेता है और उन्हें मनमर्जी से मैन्यू से हटकर खाना खिलाता है। यहां की नर्स भी मनमाने ढंग से काम करती हैं।
लड़की से बात पर पाबंदी
छात्रों ने कहा कि स्कूल का माहौल इस कदर बिगड़ा है कि अगर भाई-बहन भी आपस में बात कर रहे हों तो उन्हें शक की निगाह से देखा जाता है। लड़का-लड़की आपस में बात कर रहे हों तो उनके साथ क्लास टीचर अभद्र व्यवहार करते हैं।
जबरन खिलाते हैं कढ़ी चावल छात्रों का आरोप है कि उन्हें हर रविवार को जबरन कढ़ी चावल खिलाया जाता है। इससे आजिज अनेक छात्र उस रोज भूखे ही रह जाते हैं।
दो छात्रों पर कार्रवाई का विरोध
प्रिंसिपल हरजिन्द्रपाल कौर का कहना है सभी छात्र दसवीं कक्षा के दो छात्रों गुरजीत सिंह व हरकृष्ण पर चोरी के आरोप होने के कारण विरोध में उतर आए, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर डीसी और एसडीएम यहां आते हैं और छात्रों व अभिभावकों के साथ उनकी संयुक्त बैठकें होती हैं। छात्रों ने गुटबंदी कर रखी है। इसी कारण वे एक साथ भागे।
राशन होता है खुद-बुर्द
छात्रों ने गुमनाम रह कर बताया कि सरकारी राशन से उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाना नहीं मिलता। राशन खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। छात्रों की डेली फीड बंद करने के साथ ही टूथ पेस्ट, तेल व नहाने का साबुन तक बंद कर दिया गया है। हालांकि यह सुविधा सरकार ने दे रखी है।
दोषी बख्शे नहीं जाएंगे : एडीसी
छात्रों के भागने की घटना की पूरी जांच होगी और छात्रों के आरोपों में अगर सच्चई हुई तो दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में स्टूडेंट्स ऐसा कदम न उठाएं।
पहले भी भागे थे 34 बच्चे
16 जुलाई 2002 को भी स्कूल के 34 बच्चे घटिया भोजन मिलने और बिजली नहीं होने से परेशान होकर रात को भाग गए थे, जो बाद में ब्यास से मिले थे।