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18 घंटे में वापस जोड़ी दोनों हथेलियां

भोपाल. राजधानी के चिकित्सकीय इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय बीते सप्ताह तब जुड़ गया, जब यहां के सर्जन ने एक नौजवान की दोनों कटी हथेलियों को जोड़कर उसे नई जिंदगी दी। दोनों हथेलियों का एक साथ री-इंप्लांटेशन, मुश्किल काम है, तब जबकि इसे सर्जन को अकेले करना पड़े। इस काम को 18 घंटे लगातार लगकर बखूबी अंजाम दिया है भोपाल के कॉस्मेटिक प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर अरुण भटनागर ने।

हादसा: 29 अप्रैल की रात, 24 बरस के एक नौजवान के लिए और दिनों से कुछ ज्यादा स्याह थी। पेपर कटिंग मशीन में काम करते-करते अचानक मशीन ने धोखा दिया और उसके दोनों हथेलियां हाथों से अलग हो गईं। नौजवान के लिए तो जिंदगी मानो उसी क्षण खत्म हो गई थी। लेकिन आसपास के लोगों की तत्परता से उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर की सलाह पर लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल में भरती किया गया।

इस बीच डॉक्टर अरुण भटनागर को भी सूचना दी गई। उन्होंने अपने सहयोगियों ऑथरेपीडिशियन डॉ. आशीष भारद्वाज, एनेस्थिशियन डॉ. एसएन सोनी और असिस्टेंट सर्जन डॉ. हनीफ की मदद से अलसुबह ऑपरेशन की शुरुआत की।

यह ऑपरेशन 18 घंटे लगातार चला और नौजवान की दोनों हथेलियां पहले की तरह दुरुस्त हो गईं। वह अभी गहन चिकित्सा कक्ष में है। डॉक्टर के मुताबिक छह महीने के भीतर उसके दोनों हाथ पहले की तरह काम करने लग जाएंगे।

माइक्रोसर्जरी
‘हैंड री-इंप्लांटेशन भोपाल में पहले भी हुए हैं, लेकिन दोनों हाथों की एक साथ माइक्रोसर्जरी यहां पहली बार हुई है’, इस सर्जरी को सफलता पूर्वक करने वाले डॉक्टर अरुण भटनागर बताते हैं कि एक हाथ जोड़ने में लगभग 8 घंटे लगते हैं, जिसमें सबसे पहले हड्डियों को जोड़ा जाता है, फिर क्रमश: टेंडॉन्स, नव्र्स, आरट्रीज़ और फिर वेन्स को माइक्रोस्कोप की मदद से जोड़ा जाता है।

छह महीने में ठीक
डॉक्टर के सामने वक्त सबसे बड़ी चुनौती होता है। 6 से 12 घंटे के भीतर ऑपरेशन को पूरा न किया जाए, तो शरीर का पार्ट मृत हो जाता है। इसीलिए, पहले युवक के दाहिने हाथ की सर्जरी शुरू की गई, उसके बाद बिना वक्त गंवाए दूसरे हाथ का ऑपरेशन किया गया।

डॉक्टर भटनागर की चुनौती यह भी थी, कि उन्हें यह काम अकेले ही करना था। महानगरों में इस तरह के क्रिटिकल ऑपरेशन के लिए डॉक्टरों की बड़ी टीम होती है। डॉक्टर ने बताया कि, इन हथेलियों में सेंसेशन आने में डेढ़ माह लगेंगे पर 6 माह बाद पूरी तरह काम करने लगेंगी। थैरेपी वगैरह के बाद वह छह महीने में पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा।





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vijay Gulsundare
Monday, 12th May 2008, 12:29
Dr. app.... Dr. Nahi.... Bhagwan hai.. Ishwar apkoo.... Har khushi... dee...