भोपाल.
मध्यप्रदेश सरकार जहां प्रदेश को ई-प्रदेश बनाने में जुटी हुई है वहीं कई सरकारी विभागों की वेबसाइटों का कोई सुध लेने वाला नहीं है। यदि आप इन वेबसाइट पर क्लिक कर कोई नई जानकारी पाना चाहते हैं तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आपको कोई नई जानकारी मिल ही जाए। अधिकतर में पुरानी जानकारियों का पिटारा साबित हो रही है। यदि कोई जानकारी है तो जरूरी नहीं है कि उसका फ ोंट सपोर्ट करे।
इन विभागों की साइट को है अपडेट का इंतजार गृह विभाग : इस साइट को अंतिम बार 10 जनवरी 08 को अपडेट किया गया था। इसका एक सेक्शन ‘कौन क्या’े आज तक अपडेट नहीं हुआ है। इस पर क्लिक करने पर बस यही लिखा आता है कि कन्टेंट इज अंडर अपडेशन यानी सामग्री तैयार की जा रही है।
महिला व बाल विकास : यह साइट ३ जनवरी 08 के बाद से अब तक अपडेट नहीं हो पाई। साइट हिंदी में है लेकिन मुख्य पेज से लेकर अंदर तक के कई पेज हिंदी में नहीं दिख रहे हैं। विभिन्न योजनाओं के बारें में जो जानक ारी दी गई है वह दिसंबर 05 तक ही है।
संस्कृति विभाग : इस साइट के इवेंट सेक्शन को २५-२६ अगस्त 07 के बाद अपडेट नहीं किया गया है लेकिन इससे बुरी हालत अवार्ड सेक्शन की है जिसमें १९९७-९८ के बाद के अवार्डो की जानकारी नहीं है।
वित्त : विभाग की साइट अंतिम बार २७ फरवरी 08 को अपडेट हुई है। यह वही समय था जब राच्य का बजट पेश किया गया था। इसके बाद इसमें कोई बदलाव देखने को नहीं मिला।
इन्हें भी हैं इंतजार अपडेट का
सहकारिता विभागनिदेशालय, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण
कानून का उल्लंघन भी
सूचना के अधिकार कानून की धारा ४ के अनुसार सभी सरकारी विभागों को अपनी योजनाओं और सूचनाएं के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां, जिम्मेदारी, निर्णय प्रक्रिया, आवंटित बजट की सूचना नियमित रूप से अपडेट करना आवश्यक है।
क्या है दिक्कत
प्रदेश सरकार के कुल 52 विभागों में से 50 की वेबसाइट हैं लेकिन अधिकतर में यूनिकोड के मानकों का ध्यान नहीं रखा गया है। राज्य में सिर्फ पांच विभागों ही साइट हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में है जबकि 26 विभागों की वेबसाइट सिर्फ अंग्रेजी में है। इसके अलावा यूनिकोड का प्रयोग न होना, ले आउट सही न होना, एकरूपता का अभाव तथा हिंदी के अलग-अलग फोंट जैसी कई समस्याएं इन साइटों से जुड़ी हैं।
>> कैबिनेट ने हाल ही में सभी विभागों की साइटों का केंद्रीकरण कर उन्हें अपडेट करने का निर्णय लिया है। अगले कुछ महीनों में सभी साइटें अपडेट हो जाएगी।
अनुराग जैन, सचिव एवं सूचना व प्रौद्योगिकी