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जब मर्जी, स्कूल आओ!

रायपुर. माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा शिक्षा सत्र 2008-09 से खोले जा रहे ओपन स्कूल के नियम अपने आप में अनूठे होंगे। स्कूल में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थी को कक्षाओं में बैठना जरुरी नहीं होगा। विद्यार्थी सुबह स्कूल की टाइमिंग के दौरान जिस समय चाहे कक्षा में बैठकर अपनी दिक्कतों को दूर कर सकेंगे।

ओपन स्कूल में शिक्षक सुबह 11 से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेंगे। एडमिशन लेने वाले विद्यार्थी 8-10 की बैच बनाकर शिक्षक से सलाह मशविरा कर अध्यापन के लिए अलग-अलग टाइमिंग भी तय कर सकते हैं। विद्यार्थियों को इसकी खास छूट दी जा रही है।

जानकारों का कहना है कि नियमों में इतनी शिथिलता लाने का मकसद विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करना है। स्कूल में आना विद्यार्थियों को बोझ न लगे और क्लास में बैठने में भी उन्हें किसी तरह का तनाव महसूस न हो, इस बात का ध्यान रखते हुए माहौल हल्का-फुल्का बनाए रखने की योजना है। शिक्षकों को उसी हिसाब से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

माशिमं ने फिलहाल राज्यभर में 154 ओपन स्कूल खोलने की तैयारी की है। आगामी सत्र से विद्यार्थियों की संख्या घटने-बढ़ने पर सेंटरों की संख्या भी बदल सकती है। माशिमं के अफसरों ने पहले सत्र के हिसाब से स्कूल के संचालन और विद्यार्थियों को गाइड करने के संबंध में पूरी योजना बना ली गई है। ओपन स्कूल राज्य के प्रत्येक विकासखंड मुख्यालय के किसी भी बड़ी शाला के एक हिस्से में खोला जाएगा।

स्कूल का चयन करते समय ऐसे लोकेशन का ध्यान रखा जाएगा, जहां विद्यार्थियों को आने-जाने में दिक्कत न हों। दूर-दराज के विद्यार्थी भी आसानी से पहुंच सकें। जानकारों ने बताया कि ओपन स्कूल के शिक्षकों को विषय विशेषज्ञता के हिसाब से ड्यूटी सौंपी जाएगी। शिक्षकों के पीरियड भी तय कर दिए जाएंगे। माशिमं के आला अफसरों ने बताया कि विद्यार्थी ओपन स्कूल में प्रवेश लेने के बाद क्लास अटेंड करें या न करें शिक्षकों को अपनी ड्यूटी पूरी करनी होगी।

कैसा होगा पाठ्यक्रम
ओपन स्कूल की 10वीं-12वीं की कक्षा का पाठ्यक्रम माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड के कोर्स से अलग होगा। सीबीएसई पाठ्यक्रम से भी ओपन स्कूल के कोर्स का कोई लेना-देना नहीं होगा। माशिमं के अफसरों का कहना है कि फिलहाल छत्तीसगढ़ में ओपन स्कूल का अलग से पाठ्यक्रम तैयार नहीं किया जाएगा, अभी तत्काल में आल इंडिया ओपन स्कूल के कोर्स को पढ़ाने की हरी झंडी दी गई है।

माशिमं के विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय ओपन स्कूल के कोर्स का परीक्षण शुरु कर दिया है। अफसरों के मुताबिक 10वीं-12वीं दोनों कक्षाओं का कोर्स इस तरह से सेट किया गया है कि बरसों पहले अध्यापन छोड़ चुके विद्यार्थी भी पढ़ाई कर सकें। 10वीं का कोर्स आठवीं कक्षा के बाद के स्टैंडर्ड के हिसाब से तय किया गया है। 12वीं कक्षा का कोर्स 10वीं ओपन स्कूल की तर्ज पर तैयार किया गया है।





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