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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर मंडल (सीबीडीटी) नई दिल्ली की सदस्य सरोजबाला के अनुसार इनकम टैक्स विभाग ने रायपुर को देश के टाप टेन फास्टेस्ट ग्रोइंग शहरों में शुमार किया है। राज्य गठन के बाद से ही यहां राजस्व में हर साल इजाफा हो रहा है। रीयल इस्टेट में यह मुंबई और कोलकाता के बाद तीसरे नंबर पर है।
तीन दिनी प्रवास पर छत्तीसगढ़ आईं बोर्ड मेंबर सुश्री सरोजबाला ने गुरुवार को वीआईपी रोड पर एक होटल में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि वर्ष 2007-08 में यहां टारगेट से बढ़कर 1881 करोड़ रुपए राजस्व जमा किया गया। इसलिए वर्ष 2008-09 के लिए 2400 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया है।
वे इसे इसलिए अधिक नहीं मानती क्योंकि यह ग्रोथ रेट से कम ही है। उन्होंने कहा कि विभाग को सर्वाधिक राजस्व सीएसईबी और एसईसीएल से मिलता है। प्रदेश में लाभ कमाने वाली अन्य कंपनियां बाहर न जाकर यहीं इनकम टैक्स भरें, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे यहां सुविधाओं में इजाफा करें।
उन्होंने कहा कि सरकार को भी राज्य के विकास के लिए अच्छी राशि दी जा रही है। सुश्री सरोजबाला ने यहां अधिकारियों की बैठक लेकर प्रत्यक्ष करों की समीक्षा भी की। पत्रकारवार्ता में चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर कमलेश अरगल, रायपुर कमिश्नर जमील अहमद और बिलासपुर कमिश्नर जीसी जैन भी शामिल हुए।
सुश्री सरोजबाला10 मई तक प्रदेश के दौरे पर हैं। वे जगदलपुर में बनने वाले आयकर कार्यालय भवन का भूमिपूजन करेंगी। भिलाई में नए मिनिस्टीरियल स्टाफ ट्रेनिंग यूनिट का उद्घाटन भी करेंगी।
राज्य में एक और कमिश्नर
प्रदेश के आईटी दफ्तरों में सुविधाओं के बारे में बोर्ड मेंबर ने कहा कि अब सरकार की नई नीति के तहत स्टाफ बढ़ाना आसान नहीं पर विभाग ने छठवें वेतन आयोग को पत्र भेजा है कि इससे इनकम टैक्स विभाग को मुक्त रखा जाए। इसकी वजह यह कि यह विभाग हमेशा राजस्व में बढ़ोतरी ही करेगा। स्थानीय स्तर पर खाली पदों पर अस्थायी रूप से नियुक्ति कर काम चलाया जा सकता है।
राज्य के चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर श्री अरगल ने बताया कि राजस्व बढ़ोतरी को देखते हुए विभाग ने मुख्यालय को एक और कमिश्नर नियुक्त करने का प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने बताया कि अब अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यदक्षता बढ़ाने और उन्हें ट्रेंड करने भिलाई में मिनिस्ट्रीयल स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर खोला जा रहा है। पहले इसके लिए उन्हें भोपाल भेजा जाता था। कार्यदक्षता बढ़ने से राजस्व संग्रह में भी इजाफा होगा।
पारदर्शिता की पक्षधर
नेशनल एकेडमी आफ डायरेक्ट टैक्सेस नागपुर द्वारा ‘बेस्ट आलराउंड आफिसर’ सम्मान पा चुकीं सरोजबाला ने कहा कि वे मानती हैं कि उनके विभाग में भी पारदर्शिता को बढ़ावा देना चाहिए। सूचना के अधिकार के बाद अब तो वैसे भी कुछ छिपा नहीं रह गया। ब्रिटिश जमाने के कानूनों में ला अमेनटेंड के बाद ऐसा किया जा सकेगा।
तब यह बताया जा सकेगा कि किसके यहां सर्च हुआ और कितनी अनियमितता मिली। उन्होंने प्रत्यक्ष करों के रूप में वैट के बाद जीएसडी लागू होने में 2010 तक का समय लगने की संभावना जताई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका विषय नहीं है। उन्होंने वीडीआईएस स्कीम दोबारा शुरू होने की संभावना से इनकार किया।