बीकानेर. शिक्षक नियुक्तियां 2007 में विधवा एवं विवाह-विच्छिन्न महिलाओं के एससी व एसटी के रिक्त पदों को सामान्य अभ्यर्थियों से भरने की तैयारी की जा रही है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने इसके प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे हैं।
राज्य के प्रारंभिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2007 में 2494 पद विधवा तथा 624 विवाह-विच्छिन्न महिलाओं के लिए थे। विभाग को सात हजार से अधिक महिलाओं ने आवेदन किए थे। जांच के बाद प्रशिक्षित महिलाओं को नियुक्तियां दे दी गईं तथा मैरिट के आधार पर अप्रशिक्षित 1496 महिलाओं को चयन कर लिया गया। इन्हें ट्रेनी लगाया गया है।
प्रशिक्षिण प्राप्त करने के बाद इन्हें नौकरी मिलेगी। कुल पदों में से एससी व एसटी कोटे के करीब 800 पद रिक्त रह गए हैं। पात्र अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण विभाग ने इन पदों को विधवा एवं विवाह-विच्छिन्न सामान्य महिला अभ्यर्थियों से भरने के प्रस्ताव सरकार को भेजे हैं। शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श चल रहा है। इतने ही पद आगामी शिक्षक नियुक्तियों के समय आरपीएससी के माध्यम से भरे जा सकेंगे।
गौरतलब है कि विधवा एवं विवाह-विच्छिन्न केटेगरी में फार्म भरने वाली महिलाओं से 31 जनवरी 2007 के बाद कोई भी दस्तावेज नहीं लिया गया। इस विज्ञप्ति के बाद विधवा होने वाली, विवाह-विच्छिन्न की डिक्री देने वाली या प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को कंसीडर नहीं किया गया था। इनको नियुक्ति देने के लिए 10वीं के प्रतिशत का 50 व 12वीं के प्रतिशत का 30 तथा बीएसटीसी या बीएड के प्रतिशत का 20 प्रतिशत अंक भार माना जाता है।
सीटें कम तथा आवेदक अधिक होने पर मैरिट से नौकरी मिलती है। इस नियुक्ति के विधवा कोटे में एससी, एसटी और ओबीसी सभी पात्र महिलाओं का चयन हो गया है। सामान्य कोटे में मैरिट में 36 प्रतिशत अंकभार का चयन किया गया है।
इसी प्रकार विवाह- विच्छिन्न कोटे में एससी, एसटी में सभी पात्र महिलाओं का चयन कर लिया गया और ओबीसी में 45 प्रतिशत भारांक गणना में कई विधवा अप्रशिक्षित का भी चयन हो गया लेकिन विवाह विच्छिन्न सामान्य महिलाओं में एक भी अप्रशिक्षित का चयन नहीं हो पाया है।
विभाग ने सभी प्रशिक्षित व मैरिट से चयनित महिलाओं को तृतीय श्रेणी शिक्षक लगा दिया लेकिन एनसीटीई से अनुमति नहीं मिलने के कारण अप्रशिक्षित को शिक्षक नहीं लगा पाया। सभी पात्र को नौकरी देने और चयन करने के बाद भी आठ सौ पद रिक्त रह गए हैं।
>> ट्रेनी के तौर पर लगाई गई महिलाओं को पत्राचार से बीएसटीसी करवाने की व्यवस्था करते हुए रिक्त पदों को भरा जाना चाहिए।
महेन्द्र पांडे, महामंत्री, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ