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खूब उड़ी पतंगें, देखे जमाने के शगुन

कोलायत. kite सूर्योदय से पहले ही गुरुवार को गांव की छत्तों पर पतंगबाजों का जमघट लगा हुआ था। देर रात से चल रही गर्दभरी तेज हवाओं के बावजूद पतंग उड़ाने के लिए हर कोई एक-दूसरे को प्रोत्साहित कर रहा था। दिन में कई बार हवाओं का तेज और धीमा होने का सिलसिला चलता रहा लेकिन आसमान में पतंगें उडनी बंद नहीं हुई।

इस अवसर पर घरों में पारम्परिक व्यंजन बनाए गए और घर के सभी सदस्यों ने एकसाथ बैठकर खाना गया। किसानों ने हवा के रुख के हिसाब से जमाने के शगुन देखें। अबूझ सावा होने के कारण शादियों का दौर भी जारी रहा। बाजारों में दिनभर सन्नाटा छाया रहा।

नोखा संवाददाता के अनुसार अक्षय तृतीया पर कस्बे में पारम्परिक भोजन बनाने के साथ खूब पतंगें उड़ाई गई। पतंगों के शौकीनों का कहना था कि अगर मौसम अनुकूल रहता तो और मजा आता। तेज हवाओं के कारण दिनभर छतों पर तो जमघट लगा रहा लेकिन पतंगें उड़ाने में परेशानियां आती रही। शाम को सवा पांच बजे अचानक आई बारिश और मोती के आकार के ओलो से मौसम सुहावना बन गया और उसके बाद जमकर पतंगबाजी हुई।

पलाना संवाददाता के अनुसार अक्षय तृतीया पर किसानों ने सुबह से खेतों में पहुंच कर हल जोतने की रश्म निभाई और अच्छे जमाने के लिए भगवान से प्रार्थना की। घरों में सात धान मिलाकर खीचड़ा, गुलराब व कढ़ी बनाई गई। बच्चों व युवाओं ने जमकर पतंगबाजी की। शाम को हल्की बारिश व आंधी के बाद मौसम सुहावना हो गया। बुजुर्गो का कहना है कि अक्षय तृतीया पर आंधी व बारिश आना सुकाल का संकेत है।

तेजरासर संवाददाता के अनुसार तेजरासर, गुसांईसर, नौरंगदेसर, बम्बलू व आस-पास के गांवों में अक्षय तृतीय पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने पारम्परिक भोजन के साथ पतंगें उडाकर पर्व का आनंद लिया। सुबह चार बजे तेज आंधी चली। दिन में हल्की बूंदाबांदी भी हुई।

श्रीडूंगरगढ़ संवाददाता के अनुसार तहसील में अक्षय तृतीया के अवसर पर खूब पतंगे उड़ी। बुधवार रात को आई आंधी के कारण दिनभर आकाश में गर्द छाने से धूप से राहत मिली जिस कारण लोग छतों पर डटे रहे। शाम को तेज आंधी के बाद पतंगबाजी में व्यवधान आने से शौकीनों को निराशा हाथ लगी।

दियातरा संवाददाता के अनुसार अक्षय तृतीया पर गांव का बाजार बंद रहा। लोगों ने अपने घरों की छत्तों पर पतंगबाजी का लुत्फ उठाया। कई लोगों ने तो खाने-पीने की व्यवस्था ही छत पर कर रखी थी।





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