वाशिंगटन.एनेस्थीसिया (निश्चेतना) की एक दवा ने चिकित्सकों के अवसाद की इलाज की राह को आसान कर दिया है। डाक्टरों द्वारा दर्द मिटाने के लिए प्रयोग की जाने वाली यह दवा मरीजों को अवसाद से छुटकारा दिला सकती है।
मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पहली बार यह पता लगाने में सफलता हासिल की है जो सही-सही बताती है कि कैसे अवसाद के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के ‘ओर्बिटोफ्रोंटल कोर्टेक्स’ हिस्से को एनेस्थीसिया निष्क्रिय बनाती है।
आंखों के ठीक उपर स्थित मस्तिष्क का यह हिस्सा अवसाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इससे पहले अमेरिका में किए गए एक अध्ययन में पाया गया था कि अवसाद से पीड़ित मरीजों को केटामाइन एनेस्थीसिया दवा देने पर उन्हें 24 घंटे के अंदर काफी आराम पहुंचा।
शोधकर्ताओं ने केटामाइन के सेवन के उपरांत 33 स्वस्थ पुरुषों के मस्तिष्क का स्कैन करके उसके तस्वीरों को देखा और पाया कि एनेस्थीसिया की दवा ने अवसाद के लिए जिम्मेदार हिस्से को तुरंत काम करना बंद कर दिया।
शोध प्रमुख प्रोफेसर बिल डिकन ने बताया, ‘‘हम मस्तिष्क में अवसाद के लिए जिम्मेदार ओर्बिटोफ्रोंटल कोर्टेक्स में एनेस्थीसिया के कार्य को देखकर चकित रह गए। एनेस्थीसिया अवसाद के केंद्र को बिल्कुल बंद कर देता है।’’
उन्होंने कहा कि अध्ययन के निष्कर्षो ने शोधकर्ताओं के लिए अवसाद को समझने की राह आसान कर दी है। अब इसे दूर करने के कई इलाजों पर काम किया जा सकेगा।
इस अध्ययन के निष्कर्ष जर्नल ‘आर्काइव्स आफ जर्नल साइकेट्री के ताजा अंक में प्रकाशित हुए हैं।