नई दिल्ली. महंगाई ने दुनिया को मुश्किल में डाल रखा है। खनिज तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 125 डॉलर के करीब जा पहुंची हैं जबकि मुद्रास्फीति 26 अप्रैल को समाप्त हफ्ते में बढ़कर 7.61 फीसदी हो गई। क्रूड ऑयल के कारण एशिया के तमाम शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। बीएसई सेंसेक्स भी 343 अंक गिर गया।
४२ महीनों में सबसे ज्यादा : चाय, फल, सब्जियों और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में लगातार तेजी के कारण मुद्रास्फीति 0.04 फीसदी बढ़कर ७.६१ के नए शिखर पर पहुंच गई है। इससे पहले १९ अप्रैल को यह ७.५७ और १२ अप्रैल को समाप्त हफ्ते में ७.३३ फीसदी थी। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भले ही इसे मामूली बढ़त कह रहे हों लेकिन खाद्य पदार्थो की कीमतें और उपलब्धता अब भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।
विशेषज्ञ बोले, और बढ़ सकती है :
विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई दर ८ फीसदी का आंकड़ा पार कर जाए, तो कोई आश्चर्य की बात नहीं। क्रिसिल के प्रमुख अर्थशास्त्री डी.के. जोशी का कहना है कि रुपए की कमजोरी और क्रूड की बढ़ती कीमतों ने महंगाई रोकने के प्रयास नाकाम कर दिए हैं।
कठघरे में सरकार :
महंगाई को लेकर यूपीए सरकार के प्रयासों के लगातार विफल होने के बाद उसकी क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। विरोधियों के साथ उसके अपने सहयोगी वाम दलों ने भी उस पर प्रहार तेज कर दिए हैं।
खुदरा मूल्यों पर असर नहीं :
महंगाई की दर बढ़ने के बावजूद गेहूं, चावल व आटा आदि तमाम खाद्य पदार्र्थो के खुदरा मूल्यों पर असर नहीं पड़ा है। खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
सार्वजनिक तेल कंपनियों को १,८क्,क्क्क् करोड़ का नुकसान : कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी और रुपए की कमजोरी के चलते देश की सार्वजनिक तेल कंपनियों को जारी वित्त वर्ष में १,८क्,क्क्क् करोड़ रुपए की राजस्व हानि की आशंका है।
चिदंबरम बोले, कुछ खास नहीं बढ़ी
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का कहना है कि मुद्रास्फीति में बढ़त कुछ खास नहीं हुई है। यह राहत की बात है। सरकार महंगाई पर नियंत्रण के लिए आगे और प्रशासनिक कदम उठाएगी।
क्रूड ऑयल में उछाल
124.75 डॉलर प्रति बैरल पर:
विश्व में महंगाई का सबसे बड़ा कारण है क्रूड ऑयल। शुक्रवार को डीजल की मजबूत मांग के चलते कच्च तेल 124.75 डॉलर के नए शिखर पर पहुंच गया है।
बनी रहेगी तेजी :
क्रूड में तेजी फिलहाल बनी रहेगी। सिंगापुर की पीजीई कंसल्टेंसी के वरिष्ठ प्रधानाचार्य विक्टर का कहना है कि तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड को छू सकती हैं।
सोने में तेजी
888.45 डॉलर प्रति आउंस:
क्रूड की कीमतों में उछाल से लंदन सोना बाजार में शुक्रवार को तेजी रही। वीरवार को न्यूयार्क में सोना 88.10 डॉलर प्रति आउंस पर बंद हुआ था।
गिर सकता है भाव :
दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना (स्टैडंर्ड) का भाव 12,060 प्रति दस ग्राम रहा। वीरवार को यह 11,850 प्रति दस ग्राम थे।
रुपए का रुख
12 वर्र्षो की बड़ी गिरावट :
देश के चालू खाते के घाटे में वृद्धि के चलते रुपए में गिरावट देखने को मिल रही है। वीरवार को इसका क्लोजिंग मूल्य 41.74 प्रति डॉलर रहा जबकि सोमवार को यह 40.61 प्रति डॉलर था। इसमें 2.8 फीसदी की गिरावट आई।
क्या हो सकता है :
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कमजोरी कुछ समय के लिए है और साल के अंत तक रुपया मजबूत होने लगेगा।
महंगाई से मुकाबला : क्या-क्या न किया
>> चना, सोयाबीन ऑयल, रबड़ और आलू के वायदा कारोबार पर 4 महीने तक रोक।
>> कीमतें कम करने के लिए सीमेंट कंपनियों पर दबाव बनाएगी सरकार।
>> 2-3 दिनों में सीमेंट कंपनियों को देना होगा जवाब।
>> स्टील मेकर्स द्वारा 7 मई को घटाई कीमतों के आधार पर 4000 प्रति टन सस्ता होगा स्टील।
>> चावल, दाल, सीमेंट की निर्यात को सरकार ने प्रतिबंधित किया है।
>> हाल ही में सरकार ने खाद्य तेल, गेहूं, लौह अयस्क और स्टील के कुछ प्रोडक्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की है।
संबंधित खबरें
* मंहगाई दर बढ़कर 7.61 फीसदी
* महंगाई काबू में आने का विश्वास: पीएम
* रंगराजन को भी महंगाई में कमी आने की उम्मीद
* मंहगाई कम करने में सरकार असफल
* मुद्रास्फीति की दर और बढ़ी, 7.57 फीसदी
* महंगाई के हाल पर केंद्र सरकार की चाल
* बढ़ती मंहगाई से सरकार चिंतित