नई दिल्ली. चीन के साथ सैन्य संतुलन साधने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक कदम उठाते हुए भारतीय वायुसेना लद्दाख क्षेत्र में करीब 17,000 फुट की ऊंचाई पर एक हवाई पट्टी को फिर से चालू करने जा रही है।
वायुसेना के सूत्रों ने बताया कि दौलत बेग ओल्दी [डीबीओ] नाम की यह हवाई पट्टी आखिरी बार 1965 में इस्तेमाल की गई थी, जो चीन द्वारा हड़प लिए गए अकसाई चिन क्षेत्र से महज दस किलोमीटर की दूरी पर है। इस हवाई पट्टी को विमान उतरने लायक बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है और 43 साल बाद इसके अगले महीने चालू हो जाने की संभावना है।
सूत्रों ने कहा कि हवाई पट्टी की सतह को एएन-32 जैसे परिवहन विमान उतरने के लायक बनाया जा रहा है और वहां स्थित हेलीपैड को एक किनारे पर खिसकाया गया है। यह काम अब लगभग पूरा होने को है। करीब 2000 फुट की यह हवाई पट्टी चालू होने पर विश्व का सबसे ऊंचा एयरफील्ड होगा जहां विमान उतर सकेंगे और उड़ान भर सकेंगे।