नई दिल्ली. ताकि कमजोर तबके के प्रतिभाशाली छात्र पढ़ाई न छोड़ें इसलिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को नई छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी दे दी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में यहां हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आर्थिक रूप से कमजोर तबके के प्रतिभाशाली आठवीं कक्षा के छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान केंद्र द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय मिंस कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना को लागू करने को मंजूरी दी, ताकि होनहार छात्र आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ने पाएं और वे कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करें।
वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने मंत्रिमंडल में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत नौवीं कक्षा की शुरुआत में प्रतिवर्ष कम से कम एक लाख छात्रों को छह हजार रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जाएगी जो 12वीं कक्षा तक जारी रहेगी। यह छात्रवृत्ति वैसे छात्रों को ही प्रदान की जाएगी जिनके माता-पिता की वार्षिक आय डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा न हो। इसके अलावा यह छात्रवृत्ति उन्हीं छात्रों को मिलेगी जो सरकारी स्थानीय निकायों और सरकार द्वारा वित्त पोषित स्कूलों में पढ़ रहे हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस छात्रवृत्ति योजना की घोषणा 2007-2008 के बजट में की गई थी और इसके लिए इस वर्ष भारतीय स्टेट बैंक में 750 करोड़ रुपये से निधि गठित की जाएगी और अगले तीन साल तक हर साल इसमें उतनी ही राशि जोड़ी जाएगी।
वित्तमंत्री ने बताया कि इस छात्रवृत्ति के लिए राज्य स्तर पर आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए एक चयन परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह जांच परीक्षा राज्य सरकारों द्वारा एनसीईआरटी की देखरेख में राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा के प्रथम चरण के साथ आयोजित की जाएगी।