नई दिल्ली. भारत माता के कथित अश्लील चित्र को लेकर खड़े हुए विवाद के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन को गुरुवार को बड़ी राहत देते हुए कहा कि उनके चित्र अश्लील नहीं हैं। एक वेबसाइट की खबर के मुताबिक न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने फैसले में कहा है कि यह आरोप निराधार है। यह मामला अलग-अलग दृष्टिकोणों का है इसलिए यह आपराधिक मामले का आधार नहीं बन सकता। एक याचिका में हुसैन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतमाता का चित्रण भद्दे तरीके से किया है लेकिन उच्च न्यायालय ने इसमें असहमति जताई। इस मामले में तीन अलग जगहों पर याचिकाएँ दायर की गई थीं जिन्हें उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर इकठ्ठा करके एक जगह सुनवाई की गई थी।