नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने करोड़ों रूपए के ‘ताज कोरिडोर’ मामले में कथित तौर पर उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की संलिप्तता एवं आय से अधिक संपत्ति रखने पर उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को वापस लेने की याचिका पर अगली सुनवाई 15 मई को तय की है।
मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन के समक्ष आज जब यह मामला लाया गया, तो उन्होंने मामले की सुनवाई अगले गुरूवार तक के लिए टाल दी। मायावती ने अपनी याचिका में कहा है कि यह मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और उनके खिलाफ कोई सुबूत भी नहीं हैं।
मुख्यमंत्री पर आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद का गलत इस्तेमाल करके 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति जमा कर ली है।