सिरसा/नागपुर
नागपुर से 40 किलोमीटर दूर मोउदा में भंडारा रोड पर एक ढाबे के करीब शुक्रवार को डेरामुखी संत गुरमीत राम रहीम सिंह समझ कर कुछ लोगों ने एक व्यक्ति को मार डाला। हमले की योजना के आधार पर यहां पहले से ही काफी लोग जुटे थे। डीएसपी सुनील भुटे ने बताया कि हमलावर एक समुदाय विशेष से थे और इनकी संख्या काफी अधिक थी। इन्हें जानकारी मिली थी कि बाबा राम रहीम शेवर्ले टवेरा गाड़ी में सवार होकर दोपहर में इस रास्ते से गुजरेंगे जबकि डेरामुखी उससे पहले ही विमान से दिल्ली जा चुके थे। जहां भीड़ जुटी थी, वहां से दोपहर करीब एक बजे जब शेवर्ले गाड़ी गुजरी तो भीड़ ने रास्ता जाम कर उस पर पथराव शुरू कर दिया। इससे गाड़ी में सवार दो लोगों को गंभीर चोटें र्आई।
पुलिस ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनमें से एक को मृत घोषित कर दिया गया। मरने वाले का नाम दिनेश सखाराम ढोले बताया गया है। गंभीर रूप से घायल दूसरे व्यक्ति का इलाज चल रहा है। उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई।
डीएसपी सुनील भुटे ने बताया कि मोउदा थाने में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस घटना के बाद मोउदा और आसपास के इलाकों में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बताया जाता है कि जिस गाड़ी पर पथराव हुआ, वह डेरा सच्च सौदा की ही थी। इधर सिरसा में डेरा प्रवक्ता पवन इंसा ने बताया कि डेरा प्रमुख 26 अप्रैल को बैकुंठपुर स्थित आश्रम में गए थे। बैकुंठपुर और बिलासपुर में उनका सत्संग था। वह डेरा के विस्तार के सिलसिले में नागपुर भी गए थे। डेरा प्रमुख को रास्ते में गड़बड़ी की सूचना मिल गई थी इसलिए वह सड़क मार्ग की बजाय हवाई मार्ग से दिल्ली चले आए।