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फेमिना मिस इंडिया अर्थ 2008 तन्वी व्यास अपने आपको किसी से कंपेयर नहीं करना चाहती हैं और कहती हैं कि मेरी अपनी अलग पहचान है। मैं उस मुकाम को हासिल करना चाहती हूं, ताकि यूथ मुझे अपना रोल मॉडल समझे। तन्वी व्यास शुक्रवार को सेक्टर-8 के ग्लोबल रिटेल स्कूल में रिटेल मैनेजमेंट के तीन वर्षीय बीबीए डिग्री प्रोग्राम लॉन्च करने र्आई।
इंटरनेशनल पेजेंट जीतना है:
तन्वी व्यास ने बताया कि ताज पहनने के बाद वह ट्रेवलिंग में व्यस्त है। वह नवंबर माह में फिलीपीन्स में हो रही इंटरनेशनल लेवल की मिस अर्थ ब्यूटी पेजेंट जीतने के लिए पूरा प्रयास करेंगी। उनका कहना है कि यदि टॉप टेन में भी इंडिया की प्रतियोगी जगह बना लेती है, तो बहुत गौरव की बात हैं।
अचानक बदली किस्मत:
पेशे से ग्राफिक डिजाइनर तन्वी बताती है कि वे एक शोरूम में ग्राफिक डिजाइनिंग के पोस्ट ग्रेजुएशन के फार्म लेने गई और वहां फेमिना मिस इंडिया का फार्म भर दिया। उसे यकीन नहीं था कि मुंबई में रीजनल राउंड तक पहुंच पाएगी। रीजनल राउंड में पूरे भारत, लंदन, मस्कट, दुंबई से 110 प्रतियोगी चुने गए थे। इसलिए कंपीटिशन काफी हैल्दी था। तनवी ने बताया किप्रतियोगी हर्षिता द्वारा कोई कॉन्ट्रेक्ट साइन किए जाने के कारण मिस इंडिया अर्थ का ताज मुझे पहना दिया गया। उसके बाद मेरी लाइफ बिल्कुल बदल गई।
पांच गुना है हार्ड वर्क:
तन्वी का कहना है कि दूर से मॉडलिंग की दुनिया भले ही ग्लैमर की अधिक लगती है, लेकिन यहां ग्लैमर से पांच गुणा हार्ड वर्क होता है। वह कहती है कि कॉन्टेस्ट के दौरान उनकी ग्रूमिंग हुई। उनका मानना है कि प्रतियोगियों में कॉन्फिडेंस, अपने में विश्वास और ग्रूमिंग स्कूल से ट्रेन्ड होना जरूरी है।
एडवेंचर्स है पसंद:
तन्वी एडवेंचरस है और वह रॉक क्लांइबर, रेपलिंग, राइफल शूटिंग, पैरा सेलिंग जैसे एडवेंचरस काम करती है। वे बताती हैं कि उनके इसी शौक के चलते मदर उन्हें डिफेंस में नौकरी कराना पसंद करती थी। वह कहती है कि बॉलीवुड की ओर अभी कोई ध्यान नहीं है। उनका मानना है कि मॉडलिंग बॉलीवुड के लिए शॉर्ट कट नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के टैलेंट पर निर्भर करता है।
प्लान सिटी है चंडीगढ़:
तनवी बताती है कि ग्राफिक डिजाइनर होने के कारण उसने चंडीगढ़ के प्लान सिटी के बारे में काफी पढ़ा था। वह कहती है कि गांधी नगर, गुजरात में जहां वह रहती है वह भी प्लान सिटी है।
इंडस्ट्री को जरूरत है यूथ की सेक्टर-8 के ग्लोबल रिटेल स्कूल की सीईओ अदिति श्रीवास्तव ने बताया कि यह स्कूल भारती रिसोर्सेस के तकनीकी और अन्नामलाई यूनिवर्सिटी के सहयोग से चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि रिटेल मार्केट दिन-प्रतिदिन अधिक ग्रो कर रही है। आने वाले दो सालों में 25 लाख से
ज्यादा प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ेगी। इसी डिमांड को देखते हुए उन्होंने ग्लोबल रिटेल स्कूल शुरू किया गया। इसके स्टूडेंट्स को आईसीआईसीआई से एजूकेशन लोन की सुविधा मिलती है।