जयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण अपीलीय अधिकरण (ट्रिब्यूनल) ने हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अजयपाल सिंह के पुत्र की यूनीक बिल्डर्स के टोंक रोड पर निर्माणाधीन कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स पर सरकारी कार्रवाई के खिलाफ शुक्रवार को स्टे दे दिया।
इस संबंध में जेडीए आयुक्त, सचिव और भवन मानचित्र समिति (बीपीसी) के सदस्य सचिव को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। दूसरी ओर ऐसी चर्चा है कि अजयपाल सिंह ने पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि इसकी अधिकृत तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रिब्यूनल के जज शशिकुमार पारीक ने अपने आदेश में कहा है कि जेडीए द्वारा भूखंड पर निर्माण रोकने, नक्शे स्थगित करने और कंपाउंड वॉल हटाने के संबंध में 7 मई को जारी आदेशों को स्थगित किया जाता है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार के निर्देशों के बाद जेडीए प्रशासन ने 7 मई को लक्ष्मीमंदिर तिराहे पर निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स माइलस्टोन-1 के अनुमोदित नक्शों को स्थगित कर निर्माण कार्य रुकवाने के आदेश दिए थे। इसके बाद जेडीए अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कॉम्प्लेक्स का काम रुकवा दिया था।
ट्रिब्यूनल ने जेडीए सचिव और भवन मानचित्र समिति के सदस्य सचिव की ओर से जारी इन दोनों आदेशों पर स्थगन जारी किया है। अजयपाल सिंह के पुत्र अभिषेकपाल सिंह की ओर से एडवोकेट राजेश चतुर्वेदी ने जेडीए ट्रिब्यूनल में शुक्रवार को पेश प्रार्थना पत्र में सरकारी कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष में उठाया गया कदम बताया है।
साथ ही कहा है कि यूनीक बिल्डर्स ने 1849 वर्गमीटर का यह भूखंड मैसर्स रोचीज होटल्स प्राइवेट लिमिटेड से रजिस्ट्री के जरिए 29 अक्टूबर 07 को खरीदा था। इससे पूर्व 25 अक्टूबर को इसके रोचीज के निदेशक ईश्वरदास मूलराजानी के पक्ष में जेडीए की बीपीसी की बैठक में नक्शे अनुमोदित हो चुके थे। भूखंड का नाम हस्तांतरण 12 नवंबर 07 को रोचीज से सरदार अभिषेकपाल सिंह और विभिषेकपाल सिंह के हक में हुआ। इस स्थिति में उनके प्रोजेक्ट में कोई कानूनी खामी नहीं है।
इन बिंदुओं को बनाया आधार
जेडीए ने काम रुकवाने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया
कार्रवाई राजनीतिक द्वेषतापूर्ण
भूखंड नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है, जेडीए नहीं कर सकता कार्रवाई
प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य पर करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं
क्या किया था जेडीए ने
राज्य सरकार के निर्देश मिलने के बाद इस निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स के खिलाफ 7 मई को दो आदेश जारी किए थे। अभिषेकपाल के नाम जेडीए सचिव रामनिवास मीणा की ओर से एक आदेश में कहा गया कि भूखंड के 25 अक्टूबर 07 को बीपीसी की बैठक में अनुमोदित मानचित्रों को अग्रिम आदेशों तक स्थगित किया जाता है।
अत: मौके पर निर्माण कार्य अग्रिम आदेश तक बंद करें। दूसरे आदेश में बीपीसी की सदस्य सचिव लवंग शर्मा ने कहा कि भूखंड के स्वीकृत नक्शे के अनुसार 5.79 गुणा 30.94 वर्ग मीटर भूमि टोंक रोड के राइट ऑफ वे में आ रही है।
इस भूमि से कंपाउंडवाल हटाते हुए जोन उपायुक्त को कब्जा संभलवाएं। आदेश के साथ ही जेडीए अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर काम बंद करा दिया। दूसरे दिन जेडीए का प्रवर्तन दस्ता मौके पर पहुंचा और निर्माण कार्य पूरी तरह से रुकवा दिया।
अवाप्ति की अधिसूचनाएं आज जारी होने की संभावना
बड़े भूमाफियाओं की जमीनों की अवाप्ति की अधिसूचनाओं को लेकर शुक्रवार को सरकार में दिनभर गहमागहमी रही। जेडीए और स्वायत्त शासन विभाग के अफसरों ने दोपहर दो बजे तक तो हाउसिंग बोर्ड में बैठकर अवाप्ति योग्य जमीनों की फाइलें खंगाली, पर इस दौरान मुख्यमंत्री और स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव परविंदर सिंह पंवार के जयपुर में नहीं होने के कारण अधिसूचनाएं जारी नहीं हो सकीं। इस बीच स्वायत्त शासन व नगरीय विकास राज्यमंत्री सुरेन्द्र गोयल मुख्यमंत्री को ताजा घटनाक्रम की जानकारी देते रहे।
करीब ढाई बजे जैसे ही मुख्यमंत्री जयपुर आईं तो उन्होंने जेडीए, हाउसिंग बोर्ड और स्वायत्त शासन व नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों को बुलाकर बातचीत की। इसके बाद विभागीय अफसरों ने प्रमुख शासन सचिव के कक्ष में बैठकर अवाप्ति संबंधी अधिसूचनाएं तैयार कीं, जिनको शनिवार को जारी करने की संभावना है।
अब एसीबी के माध्यम से घेरने की तैयारी
राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अजयपाल सिंह को सरकार ने अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के माध्यम से घेरने की तैयारी कर ली है। इसकी शुरुआत संभवत: सोमवार को होगी।
जानकार सूत्रों ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की राज आंगन योजना में भ्रष्टाचार की शिकायतें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को मिली थी। इस पर ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बोर्ड के आयुक्त को एक पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी मांगी थी। पिछले दिनों हाउसिंग बोर्ड प्रशासन ने इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को यह सूचित कर दिया था कि राज आंगन योजना में किसी तरह की गड़बड़ नहीं हुई।
यह जानकारी बोर्ड अध्यक्ष अजयपाल सिंह के निर्देश पर भेजी गई थी। बोर्ड प्रशासन अब इस मामले में ब्यूरो को एक पत्र लिख रहा है। इस पत्र में बोर्ड यह स्वीकार करने जा रहा है कि प्रशासनिक स्तर पर जांच में यह सामने आया कि राज आंगन योजना के एक-दो मामलों में गड़बड़ी हुई है। एक ही परिवार में दो मकान आबंटन होने का भी मामला सामने आया है।
बताया गया है कि इस मामले में हाउसिंग बोर्ड के कुछ अफसरों के खिलाफ भी कार्यवाही हो सकती है। उन पर तथ्य छुपाने का आरोप लग सकता है। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में हाउसिंग बोर्ड आयुक्त अजयसिंह चित्तौड़ा ने शुक्रवार को इस मामले में विस्तृत चर्चा की। बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला बोर्ड प्रशासन के सामने आ गया है। एसीबी का पत्र भी मिल चुका है। एसीबी को जवाब दो-तीन में भेज दिया जाएगा।
जानकारों सूत्रों ने बताया कि अजयपाल सिंह के खिलाफ एसीबी में दो और मामले भेजे जानें की चर्चा है। एक मामला टोंक रोड़ की जमीन का है तो दूसरा मामला जवाहर लाल नेहरू मार्ग का है। बताया जा रहा है कि सरकार इस बात की जांच कर रही है कि जेएलएन मार्ग पर अजयपालसिंह को अतिरिक्त जमीन कैसे मिलें। जबकि उस पर अघोषित रूप से रोक लगी थी। इस मामले में जेडीए और नगरीय विकास विभाग के कुछ अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।