वाशिंगटन.
अमेरिका ने कहा है कि दुनिया भर में अनाज की बढ़ती कीमतों के पीछे भारतीय मध्य वर्ग की बढ़ती समृद्धि को जिम्मेदार ठहराने वाले उसके नेताओं के बयान को नकारात्मक अर्थो में नहीं लिया जाना चाहिए।
अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस के बयान पर भारत में कड़ी प्रतिक्रिया के संदर्भ में विदेश विभाग के प्रवक्ता सीन मैक्कारमैक ने शुक्रवार को कहा, 'मेरे विचार से उस बयान में बदलती हुई वैश्विक व्यवस्था की वास्तविकता को प्रदर्शित किया गया था।'
मैक्कारमैक ने कहा कि निश्चित ही अमेरिका का कोई आदमी या अमेरिकी सरकार पूरी दुनिया में कहीं भी लोगों द्वारा पहले की तुलना में अधिक बेहतर भोजन करने के प्रति नकारात्मक भावनायें नहीं प्रदर्शित कर रही है। यह एक बढ़िया बात है।
प्रवक्ता का कहना था कि यदि आर्थिक समृद्धि बढ़ती है चाहे वह चीन, भारत या पूरी दुनिया में कहीं हो , इससे जीवन स्तर में सुधार होता है। सकरात्मक रूप से देखें तो अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए यह अच्छा है। मैक्कारमैक ने कहा कि यदि आप द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद के 46,47,48 के समय और आज विश्व की वित्तीय, राजनैतिक, अर्थिक स्थिति को देखें तो यह सकारात्मक दिखाई देगा।
मैक्कारमैक ने कहा कि वह नहीं जानते कि राइस की टिप्पणी के बारे में लोग क्या सोचते हैं। लेकिन भारत सहित दुनिया में कहीं भी इसको नकारात्मक अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए। गौरतलब है कि अमेरिकी विदेशमंत्री कोंडोलिजा राइस और राष्ट्रपति जार्ज बुश ने दुनिया भर में अनाज की बढ़ती कीमतों के लिए भारतीय मध्य वर्ग की बढ़ती अमीरी को जिम्मेदा ठहराया था।