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अमिताभ बच्चन : एंग्री ओल्ड मैन

मुंबई. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन इन दिनों एंग्री ओल्ड मैन की भूमिका में हैं! जी हां, उनके ब्लॉग पर जाइएगा तो आप भी यही महसूस कीजिएगा। पिछले तीन राइटअप में अमिताभ तीन व्यक्तियों पर निशाना साध चुके हैं। अमिताभ के कोपभाजन बने हैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामादौस, लेखक गंगाधर और फिल्म समीक्षक, निर्देशक खालिद मोहम्मद।

1. अमिताभ बनाम रामादौस :
अमिताभ ने 8 मई की शाम को एक राइटअप लिखा जो उनके ब्लॉग पर 9 मई की अलसुबह शाया हुआ, इसमें उन्होंने रामादौस के बारे में टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा है :

मंत्री रामादौस के लिए आज एक खराब दिन था। अपने पद से असमारोहपूर्वक हटाए गए एम्स के प्रमुख डॉक्टर वेणुगोपाल ने फिर अपना पद हासिल कर लिया और वह भी सुप्रीम कोर्ट तक जंग लड़कर।

लेकिन मैंने कुछ और भी महसूस किया। फिल्मों में शराब पीने के दृश्यों पर रोक लगाने की पैरवी करने संबंधी हमारे बयानों पर टाइम्स ने एक बेबाक समीक्षा प्रकाशित की है और ठीक अगले पृष्ठ पर देश में शराब के तेजी से बढ़ते उत्पादन पर और भी बेबाक समीक्षा प्रकाशित की है, वह भी पुराने और ताजा आंकड़ों की भव्यता दिखाते हुए।

मिस्टर रामादौस, अल्कोहल के बढ़ते उत्पादन पर सरकार गर्व कर रही है और आप कह रहे हैं कि फिल्मों में अभिनेताओं को शराब पीने के दृश्य देकर अल्कोहल पीने की प्रवृत्ति को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। आप मुझे बताइए कि आप शराब के बढ़ते उत्पादन की खपत किस तरह से करने का विचार कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान का नाम लेकर रामादौस ने पहले स्मोकिंग दृश्य और फिर शराब पीने के दृश्य न करने की अपील की थी। अभिनय जगत से बयान आए थे कि क्रिएटिविटी पर उंगली न उठाएं।

2. वी गंगाधर को करारा जवाब :
9 मई की दोपहर में लिखे ब्लॉग में अमिताभ ने हिंदोस्तान टाइम्स के लेख लॉंडर्ड रेप्युटेशंस का हवाला देते हुए लिखा है कि यह लेख कहता है कि 'अमिताभ बच्चन ने अपना ब्लॉग शुरू किया है और वे वहां हर मुद्दे पर खुद को क्लीन चिट दे रहे हैं।'

इस लेख पर आपत्ति लेते हुए अमिताभ ने लिखा है कि मिस्टर गंगाधर क्लीन चिट मुझे हमारे देश की सम्माननीय कानूनी इकाइयों हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने दी हैं। उनके निर्णय पर कोई भी असम्माननीय टिप्पणी के लिए आपको कोर्ट की अवमानना जैसी गंभीर कार्रवाई से गुजरना पड़ सकता है।

लॉंडर्ड, एक असम्माननीय शब्द है क्योंकि इसके जरिए आप यह कहना चाह रहे हैं कि अपने लेख में जिसके बारे में आपने लिखा है, उसकी छवि खराब है और उन्होंने साफ-सुथरा दिखने के लिए उसे धुलवाया है। यह मानहानि और आपत्ति का विषय है। मैं आपको चेतावनी देता हूं कि इस तरह की टिप्पणियां अगर आपने वापस नहीं लीं तो आपको अप्रिय स्थिति से दो-चार होना पड़ सकता है।

3. कहने से पहले सोचो खालिद :
10 मई की दोपहर में लिखे राइटअप में अमिताभ ने फिल्म समीक्षक और फिजा, सिलसिले जैसी फिल्मों के निर्देशक खालिद मोहम्मद पर निशाना साधा है। इस राइटअप में पहले अमिताभ ने अपनी ताजा फिल्म भूतनाथ के बारे में चर्चा की है और फिर लिखा है -

खालिद मोहम्मद ने एक अखबार के लिए इस फिल्म की समीक्षा तो लिखी ही है, सार्वजनिक दस्तावेज के जरिए मुझे एक निजी खत भी लिखा है और चाहा है कि मैं पूना फिल्म इंस्टीट्यूट जाऊं और सीखूं कि अभिनय कैसे किया जाता है, अफसोस की बात यह है कि उन्होंने पूरी फिल्म में डॉयलॉग के नाम पर मेरी एक ध्वनि हायययय सुनी है और उसकी अपने लेख में आलोचना की है।

खालिद जो बतौर निर्देशक भारतीय सिनेमा के इतिहास में तीन भयानक बम जैसी फिल्में बना चुके हैं और अब दूसरों को सिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जो अपनी फिल्म को एबी, एबी, एबी की तरह कास्ट करना चाहते हैं और जो फिल्मफेयर के संपादक के तौर पर कथित रूप से अपनी फिल्मों की प्रतिभाओं के पक्ष में अवॉर्ड की सिफारिश करते रहे हैं।

ऐसे रिएक्ट न करें अमिताभ :
ब्लॉग पर प्रतिक्रिया देते हुए 9 मई को बिग-बी की एक प्रशंसक ईरा माथुर ने लिखा है कि अमिताभ जी! प्लीज आप ऐसे रिएक्ट मत कीजिए। आपके बारे में जो कुछ लिखा जाता है, उस पर प्रतिक्रिया देकर मीडिया को मसाला देना बंद कीजिए। अन्यथा आपकी छवि ऐसी शख्सियत की हो जाएगी जो अपनी आलोचना जरा भी बर्दाश्त नहीं कर सकता। सिर्फ अपने फन पर ध्यान दीजिए।

कुछ और भी :
9 मई की दोपहर जारी किए राइटअप के साथ अमिताभ ने दो ग्राफिक्स भी चस्पा किए हैं और लिखा है कि आईबीओएस नेटवर्क ने उन्हें ये ग्राफिक्स भेजे हैं जो टीवी के लोकप्रिय गेम शो की टीवी रेटिंग दर्शाते हैं। हालांकि उन्होंने इस बारे में अपने विचार ही रखे हैं लेकिन इन ग्राफिक्स में केबीसी 1 का ग्राफ सबसे लंबा है जिसके होस्ट खुद अमिताभ थे।

बाकी गेम शो जैसे अनुपम खेर का सवाल दस करोड़ का, गोविंदा का जीतो छप्पर फाड़ के, अमिताभ का केबीसी 2, शहरुख का केबीसी 3 और शाहरुख का ही क्या आप पांचवी पास से तेज हैं, की भी टीवी रेटिंग दी गई है। अब इस चार्ट को चस्पा करने का मकसद क्या है? शायद अमिताभ टीवी और गेम शो के बारे में एक स्वस्थ संवाद स्थापित करना चाहते हैं!





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