इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने भारत को दो आस बंधाते हुए कहा है कि भारतीय कैदी सरबजीत को बख्शा जा सकता है और पाकिस्तान दाऊद इब्राहीम के प्रत्यर्पण के भारत के आवेदन पर गौर करेगा।
पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि उन्होंने अपनी निजी राय के आधार पर राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को लिखा है कि सरबजीत मामले पर दोबारा गौर किया जाए और सरबजीत को मौत की सजा न दी जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी अपील कारगर साबित होगी।
गिलानी ने दूसरी प्रमुख बात यह कही कि पाकिस्तान उन सभी आतंकवादी संगठनों पर कार्रवाई करेगा जो उसकी धरती से भारत के खिलाफ आतंकवाद फैला रहे हैं। गिलानी ने कहा कि अगर भारत दाऊद के खिलाफ सबूत देता है तो पाक उसके प्रत्यर्पण संबंधी आवेदन पर गौर करेगा। इसके अलावा पाक उन आवेदनों पर भी विचार कर रहा है जिनमें आतंकी मसूद अजहर की मांग की गई है।
उल्लेखनीय है कि 1999 में कंधार विमान अपहरण कांड में यात्रियों के एवज अजहर को छोड़ा गया था। गिलानी ने भारत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हम पहले से ही पूरे विश्व के साथ आतंकवाद और कट्टरपंथ को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं हम इसके खिलाफ हैं।
गिलानी ने एक टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में कहा कि हमने अपनी नेता बेनजीर भुट्टो को आतंकवाद की वजह से खो चुके हैं जबकि हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कर रहे थे। गिलानी ने लश्कर-ए-तैय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद और अल बद्र जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ पाक कार्रवाई करेगा।