नई दिल्ली.
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आधुनिक शिक्षा और तकनीकी कौशल तक अल्पसंख्यकों की व्यापक पहुंच बनाने की जरूरत बताई है। उन्होंने बताया कि सरकार शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिलों में 370 कॉलेज खोलेगी। इनमें 90 जिले ऐसे हैं, जहां अल्पसंख्यकों की पर्याप्त आबादी है।
सोनिया ने शनिवार को जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी के आठवें दीक्षांत समारोह में ये विचार जताए। उनके मुताबिक, ‘सरकार ने यह जान लिया है कि समाज के परंपरागत वंचित वर्र्गो पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यही वजह है कि उसने अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति व जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा लड़कियों के लिए बड़े पैमाने पर छात्रवृत्तियां शुरू की हैं।’
मनमोहन का खास जिक्र : सोनिया ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का खासतौर पर जिक्र करते हुए कहा कि उच्चतर शिक्षा के आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए उठाए गए कदमों पर उन्होंने निजी छाप छोड़ी है।
सोनिया-अजरुन के बीच मौन : दो घंटे के इस समारोह में संयोगवश मंच पर मानव संसाधन विकास मंत्री अजरुन सिंह भी मौजूद थे, जिन्होंने नेहरू-गांधी परिवार के प्रति वफादारी के बारे में अपनी हाल की टिप्पणियों से तूफान खड़ा कर दिया है। कार्यक्रम के दौरान सोनिया और अजरुन सिंह में कोई बातचीत नहीं हुई। अजरुन ने अपने भाषण में शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने पर बल दिया।
काकोड़कर और किदवई को मानद डिग्री:
जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी ने प्रख्यात परमाणु वैज्ञानिक अनिल काकोड़कर और हरियाणा के राज्यपाल एआर किदवई को अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद डिग्रियां प्रदान की हैं।