नई दिल्ली.अमेरिका, फ्रांस समेत पांच बड़े देशों ने भारत को त्राहिमाम (हमें बचाओ) संदेश भेजा है। इन देशों ने भारत से आग्रह किया है कि गैर बासमती चावल के निर्यात से प्रतिबंध हटाया जाए ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी बढ़ती कीमतों पर काबू पाया जा सके। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चावल 40 हजार रुपए प्रति टन बिक रहा है।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस साल चावल का जबर्दस्त संकट है। रूस ने करीब दो माह पहले भारत से चावल की मांग की थी। उसके बाद अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन समेत पांच यूरोपीय देशों ने भी व्यापारिक रिश्तों की दुहाई देते हुए भारत से 10 लाख टन चावल मांगा।
भारत व चीन के अलावा पश्चिमी देशों को चावल निर्यात करने वाले थाईलैंड ने अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए एक साल से चावल के निर्यात पर रोक लगा रखी है।
केंद्रीय खाद्य सचिव टी. नंद कुमार के अनुसार पश्चिमी देशों की मांग पर केंद्र गंभीरता से विचार कर रहा है। भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार में आसानी से 10 लाख टन चावल मुहैया करा सकता है। जून में खरीफ का सीजन शुरू होने के साथ ही भारत गैर बासमती चावल के निर्यात से आंशिक तौर पर प्रतिबंध हटा सकता है।