शनिवार.देश की आजादी के लिए कुर्बान हुए शहीदों को अपनी स्मृति में ताजा रखने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए शनिवार को 1857 की क्रांति की 151वीं सालगिरह पर देशवासियों ने शाम 6 बजकर 57 मिनट पर डेढ़ सौ सेकंड का मौन रखा। देशभर में भास्कर के विभिन्न संस्करणों के हजारों सदस्यों ने भी मौन रखकर शहीदों को याद किया।
गौरतलब है कि 10 मई को ही मेरठ से स्वातं˜य समर का शंखनाद हुआ था, जो आगे चलकर देशभर में गूंजा। 1857 की क्रांति के डेढ़ सौ साल पूरे होने पर पिछले साल से ही कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस मौके पर दैनिक भास्कर ने अपने पाठकों से शाम 6.57 बजे शहीदों को मौन श्रद्धांजलि देने की अपील की थी। चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान व गुजरात में बड़ी संख्या में लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। भोपाल सहित कई स्थानों पर लोगों ने दीप प्रज्जवलित किए। अहमदाबाद में संत आसारामजी बापू, प्रमुख स्वामी महाराज एवं वैष्णवाचार्य यदुनाथजी महाराज सहित अनेक धर्मगुरुओं ने शहीदों की याद में मौन सभाएं करवाईं। इनका कहना था कि हमारी संस्कृति में जितना महत्व संतों का है, उतनी ही अहमियत शहीदों की भी है।