पानीपतमहंगाई बढ़ रही है। इसने रिकार्ड भी कायम कर लिया, लेकिन प्रदेश के लोगों पर इसका कितना असर हुआ। आमजन की तो बात ही छोड़ दें, अब तो नेता भी महंगाई पर हो हल्ला करने से पहले बगलें झांकते हैं। यही वजह है प्रदेश के उपचुनाव में भी इसकी गूंज नहीं सुनाई पड़ रही। हालात तो यही बयां करते हैं कि प्रदेश के लोगों पर बढ़ती महंगाई का कुछ खास असर नहीं पड़ा। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यकीनी तौर पर राज्य की प्रतिव्यक्ति आय हो सकती है। यानी महंगाई से पहले लोगों की आमदनी भी बढ़ी है।
यही वजह है कि अन्य राज्यों में खाद्य पदार्र्थो की बढ़ती कीमतों में जहां हाहाकार मचा हुआ है, हरियाणा में न तो जनउबाल आया और न ही तीखी प्रतिक्रिया। सच है कि महंगाई का बोलबाला पूरी दुनिया में है। यह भी सच है कि हरियाणा के लोगों की आय में वृद्धि की दर महंगाई की दर से कई गुणा ज्यादा है। देश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर जहां 9.3 फीसदी है, वहीं हरियाणा में यह 12.4 फीसदी है। पिछले साढ़े तीन वर्र्षो में खाद्य पदार्थों के दाम जहां 30-35 फीसदी बढ़े हैं, वहीं सूबे के लोगों की आय में 100 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है। 2003-04 में जहां राज्य की प्रति व्यक्ति आय 20 हजार थी अब वह बढ़कर 40 हजार के पार पर पहुंच चुकी है।
वेतन और पेंशन में 50 से अधिक वृद्धि
प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की बात करें तो 2003-04 में पेंशन के रूप में लोगों को 766 करोड़ रुपए और तनख्वाह के रूप में 3290 करोड़ रुपए बांटे गए थे। यानी सरकारी कर्मचारियों की कुल आय 4056 करोड़ थी। 2007-08 में पेंशन राशि बढ़कर करीब 1500 करोड़ और वेतन करीब 4500 करोड़ हो गई है। इस वित्त वर्ष के अंत तक इन दोनों मदों की राशि करीब 6500 करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है।
प्राइवेट सेक्टर में बूम
प्राइवेट सेक्टर में वृद्धि और गति से हो रही है। एक सर्वे के मुताबिक भारत में प्राइवेट कंपनियों ने पांच साल में अपने कर्मचारियों की तनख्वाह दो गुणा से भी अधिक कर दी है। आईटी के क्षेत्र में बूम के साथ ही गुड़गांव विश्व के औद्योगिक नक्शे पर उभर कर आया। नतीजा प्रदेश में डॉलर बरस रहे हैं।
डॉलर की बरसात
कुछ साल पहले तक प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को अब लाखों रुपए सालाना के ऑफर मिल रहे हैं। रही-सही कसर पूरी कर दी एसईजेड व प्रॉपर्टी बाजार ने। एसईजेड के कारण प्रदेश के हजारों किसान रातों-रात करोड़पति हो गए। मोटरसाइकिल खरीदने से पहले दस बार सोचने वाला किसान आज मर्सीडीज बैंज में चल रहा है, डिस्कोथेक व नाइट क्लबों में जा रहा है।
क्यों हरियाणा में खुशहाली
देश की हर तीन में दो कार हरियाणा में बनती हैं।
देश के 60 फीसदी मोटरसाइकिल हरियाणा में बनते हैं।
देश के 50 फीसदी ट्रेक्टरों का निर्माता है हरियाणा।
देश में हर दूसरे घर में हरियाणा का बना रेफ्रिजरेटर है।
देश का 25 प्रतिशत सेनेटरी का सामान यहां बनता है।
देश का तीसरा बड़ा सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर है हरियाणा।
प्रति एकड़ उत्पादकता में देश का सबसे बड़ा राज्य। इस बार उत्पादन 102 लाख टन के पार जाने की संभावना है।
हरियाणा देश के सर्वाधिक समृद्ध राज्यों में से एक है। यहां के लोगों की आय देशभर में सर्वाधिक है तो भला वे महंगाई से व्याकुल क्यों होंगे। जो लोग जोरदार तरीके से विरोध दर्ज करा सकते हैं उन पर महंगाई बेअसर है। हां, बीपीएल लोगों पर इसका असर है, लेकिन वे विरोध करने की सूरत में नहीं हैं।
-डा. अनिरुद्ध भारती, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष, आर्य कालेज, पानीपत।