राजधानी हरियाणाबेहतर परीक्षा परिणाम दो और मनचाही पोस्टिंग पाओ। हरियाणा में शिक्षा विभाग ने पहली से बाहरवीं कक्षा तक के शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए यह फंडा लागू किया है। तबादलों को रेगुलेट करने के लिए बनाई गई नीति में साफ कर दिया गया है कि बेहतर रिलल्ट देने वाले शिक्षकों को उनकी पंसद के स्कूल में पोस्टिंग देने में खास ख्याल रखा जाएगा। इस नीति के मुताबिक कुछ खास परिस्थितियों को छोड़कर वर्ष 2008-09 में शिक्षकों के सामान्य तबादले नहीं होंगे।
एक स्कूल में एक शिक्षक की पोस्टिंग कम से कम पांच साल के लिए की जाएगी। साथ ही अगर उसके पिछले तीन साल का रिजल्ट 100 फीसदी है और वह शिक्षक उसी स्कूल में रहना चाहता है तो पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी उसे नहीं बदला जाएगा।
प्रशासकीय आधार पर भी : शिक्षकों के तबादले प्रशासकीय आधार पर भी हो सकेंगे। अगर एमपी, एमएलए,सरपंच आदि शिक्षक कीशिकायत करते हैं तो इसकी डीईओ-डीईईओ जांच कर तीन दिन के भीतर निदेशालय को आगामी कारवाई के लिए रिपोर्ट भेजेंगे।
इनका रखा जाएगा खास ख्याल
तबादलों में नेत्रहीन शिक्षकों,70 फीसदी विकलांग, कैंसर,थैलीसीमिया या अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों,विधवा,तलाकशुदा और सेना में काम करने वाले सिपाहियों की बीवियों का खास ख्याल रखा जाएगा। तबादला होने की सूरत में उपरोक्त श्रेणियों के शिक्षकों को उसी ब्लाक या फिर 10 किलोमीटर के रेडियस में उसकी मनचाही पोस्टिंग देने के प्रयास किए जाएंगे।
खराब रिजल्ट पर नहीं
बोर्ड के परीक्षा परिणामों से 15 फीसदी रिजल्ट कम रहने या फिर 15 फीसदी विद्यार्थी फेल होने पर शिक्षकों को मनचाही पोस्टिंग का अधिकार नहीं होगा।
तबादले 15 जून तक
तबादला कराने के इच्छुक शिक्षक खाली पद,लोंगर स्टे या फिर परस्पर सहमति के आधार पर तबादले के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें एक निश्चित फार्म में आवेदन करना होगा और साथ ही अपने पांच साल के रिजल्ट के बारे में भी बताना होगा। शिक्षक को बीईओ-,डीईईओ- डीईओ के जरिए आवेदन करना होगा।
शिक्षकों के तबादला आवेदन जिलों के अधिकारी 25 मई तक शिक्षा निदेशालय को भेजेगे और 15 जून तक तबादले हो सकेंगे। आवेदक को तबादले के लिए अपनी पंसद के तीन स्कूल बताने होंगे। अगर कोई शिक्षक मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री या किसी अन्य जनप्रतिनिधि के जरिए आवेदन करता है तो उसे भी निश्चित फार्म पर अपना आवेदन जरूर भेजना होगा।