निसिंग (करनाल) धोलाकुआं गांव में 15 वर्षीया सतोदेवी के घर पर चार दर्जन लोगों ने हमला बोल दिया। परिवार के दर्जनभर लोगों को दो घंटे तक मकान में बंधक बनाए रखा और पशुओं के तबेले में आग लगा दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची निसिंग पुलिस ने परिवार को मुक्त कराया।
परिवार के कई सदस्यों को चोट आई है, जबकि नाबालिग की मौसी बीरो को करनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव धोलाकुआं निवासी काका बाजवा पुत्र राजपाल ने बताया कि उसकी छोटी बहन 15 वर्षीया सतो देवी 29 अप्रैल को एक लड़के के साथ फरार हो गई थी। जिसको लेकर निसिंग पुलिस को शिकायत भी की गई थी। इस दौरान हिसार से सतो देवी को नौ मई को पकड़ा गया। जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। गांव के कुछ लोग समझौता नहीं चाहते थे।
वे चाहते थे कि दोषी युवक को सजा दिलाई जाए, ताकि वह भविष्य में ऐसी हरकत न कर सके। शनिवार सुबह बीरा, तारा, फतू, बहादुर, राजू, पम्मी, गामी, जगन्नाथ, सूखा सहित करीब चार दर्जन लोग उनके घर पर आए और कहा कि उनसे पूछे बगैर तुमने किस तरह से समझौता कर लिया। उन्होंने दबाव बनाया कि आरोपी युवक के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाए। जब लड़की के परिवार ने ऐसा करने से इंकार कर दिया तो, पूरे परिवार को गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया गया।
फरमान नहीं माना तो पूरे परिवार को एक कमरे में बंधक बना दिया। काका बाजवा का कहना है कि कुछ लोग उसकी बहन सतो देवी को भी जलाकर मारना चाहते थे, इस बीच कुछ लोगों ने उनके तबेले में आग लगा दी, जिससे हजारों का सामान जल गया। काका बाजवा ने बताया कि उसने अपने मोबाइल से निसिंग थाने में फोन करके घटना की सूचना दी। जिसके बाद निसिंग थाना प्रभारी जयसिंह दल बल सहित घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें मुक्त करीाया।
काका बाजवा के अनुसार यदि पुलिस मौके पर नहीं आती तो पूरा परिवार आग की भेंट चढ़ जाता। इस संदर्भ में आरोपी ग्रामीणों का कहना है कि आग उन्होंने नहीं लगाई।
निसिंग थाना प्रभारी जयसिंह का कहना है कि लड़की के पिता राजपाल की शिकायत मिली है, फिलहाल जांच जारी है। अभी किसी आरोपी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है।