बीआरसीएम तकनीकी महाविद्यालय के चार छात्रों ने सौर ऊर्जा से चलने वाला तिपहिया वाहन बनाया है। इस पर 45 हजार रुपए खर्च हुए हैं। एक बार चार्ज होने पर इस वाहन को लगातार 10 घंटे तक चलाया जा सकता है। इन छात्रों का दावा है कि अगर उन्हें उचित प्रोत्साहन मिले तो वे एक लाख रुपए से भी कम कीमत में चार सीटों वाली कार तैयार कर सकते हैं।
मैकेनिकल अंतिम वर्ष के ये चार छात्र हैं प्रवीण सांगवान, नवीन दलाल, विकास यादव व जोगिंदर। जो वाहन इन्होंने तैयार किया है, वह छह घंटे में सौर ऊर्जा से पूरी तरह चार्ज हो जाता है। इसके बाद यह २क् किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार १क् घंटे तक सड़कों पर दौड़ सकता है। छात्रों का दावा है कि आम आदमी के लिए इसे १५ से 20 हजार रुपए में तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने इसमें लगने वाला सोलर सिस्टम सब्सिडी की बजाए खुले बाजार में २७ हजार रुपए में खरीदा है। सब्सिडी में खरीदे जाने पर यही सिस्टम पांच से आठ हजार रुपए में उपलब्ध हो सकता है। उनका यह भी कहना है कि इस वाहन को ४क् किलोमीटर प्रति घंटे की रफतार से भी दौड़ाया जा सकता है, लेकिन तब यह एक बार चार्ज होने के बाद दस की बजाय पांच घंटे ही चल पाएगा । उन्होंने बताया कि इस वाहन को चलाने के लिए पावर एक मोटर से मिलती है, जो सौर ऊर्जा से चलती है। इस वाहन की एक विशेषता यह भी है कि यह वाहन धूप में चलते समय अपने आप ही चार्ज होता रहता है। पेट्रोल के बढ़ते दामों ने दी प्रेरणा छात्रों के मुताबिक इस वाहन को बनाने के पीछे जिस प्रेरणा ने काम किया, वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल व डीजल के रेटों में दिनों-दिन हो रही बढ़ोतरी है। उन्होंने एक ऐसा वाहन तैयार करने का निर्णय लिया, जो पेट्रोल या डीजल से न चलता हो। इस कार्य को पूरा करने में उन्होंने छह महीने तक दिन रात मेहनत की। महाविद्यालय के प्रवक्ता अरुण कुमार झा व कुलदीप ढांढा ने उनकी हर संभव मदद की, जिससे उनका सपना साकार हो पाया है। एक लाख में बन सकती है चार सीटर कार इस वाहन को बनाकर इसका ट्रायल देने वाले छात्रों का दावा है कि अगर उन्हें सरकार से प्रोत्साहन मिले तो वे मात्र एक लाख रुपए से भी कम कीमत में सौर ऊर्जा से चलने वाली चार सीटों की कार तैयार कर सकते हैं। इसके लिए सरकार को सोलर सिस्टम व अन्य उपकरण सब्सिडी पर उपलब्ध कराने होंगे।