इंदौर. इंदौर विकास प्राधिकरण की स्कीम-134 और 140 में रसोई गैस (एलपीजी) पाइप के जरिये घर-घर पहुंच सकती है। इसका प्रस्ताव हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉपरेरेशन लिमिटेड ने रखा है। यह मंजूर हो जाता है तो प्राधिकरण प्रदेश की पहली विकास एजेंसी होगी जिसकी आवासीय योजना में यह सुविधा भी मिलेगी। कंपनी वडोदरा, सूरत सहित कई शहरों में इसी तरह गैस सप्लाय कर रही है।
इंदौर में भी ट्रेजर आइलैंड और बीसीएम हाइट्स जैसी इमारतों में यह काम किया है। कुछ टाउनशिप में भी यह सिस्टम पसंद किया जा रहा है। कंपनी प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण के इंजीनियरों से चर्चा की तो उन्हें दोनों स्कीम के लिए विस्तृत प्रस्ताव लाने के लिए कहा गया। इसकी मंजूरी संचालक मंडल देगा लेकिन प्राधिकरण सैद्धांतिक रूप से इसके लिए तैयार है। स्कीम-134 में करीब 1500 और स्कीम-140 में 2500 छोटे-बड़े प्लॉट हैं।
मुंबई में बन रहा है प्रस्ताव
कंपनी सूत्रों के मुताबिक दोनों स्कीम में गैस के लिए भूमिगत पाइप डालकर बड़े टैंक लगाएगी। कंपनी के मुंबई मुख्यालय में विस्तृत प्रस्ताव बन रहा है जो 15 दिन में तैयार हो जाएगा। उसमें लाइन की सुरक्षा, शुल्क, मेंटेनेंस, डेवलपमेंट कॉस्ट का विस्तार से उल्लेख होगा।
कई फायदे हैं
गैस के लिए बार-बार नंबर लगाने या वेटिंग से मुक्ति
24 घंटे गैस उपलब्ध
ज्यादा सुरक्षित
घर-घर लगे मीटर की रीडिंग पर मासिक बिल
शुरुआत में 16 हजार का खर्च
कंपनी से विस्तृत प्रस्ताव आने के बाद तय होगा प्रत्येक घर में कनेक्शन पर आने वाला खर्च (अधिकतम 16 हजार रुपए) कौन वहन करेगा? प्राधिकरण या प्लॉट होल्डर या दोनों मिलकर। इसके मेंटेनेंस और सिक्युरिटी चार्ज की नीति भी बनना है।
प्राधिकरण का मानना है दोनों काम कंपनी के कर्मचारी ही बेहतर कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें भुगतान किया जाएगा। हालांकि दोनों स्कीम बसने में कम से कम दो साल लगेंगे। कंपनी की परेशानी है इतने समय तक पाइप और वॉल्व आदि की सुरक्षा का क्या होगा। यह काम एक-डेढ़ साल बाद किया जाए तो फुटपाथ और सड़क खोदना पड़ेंगे।
काम जल्द शुरू करवाएंगे
प्राधिकरण अध्यक्ष मधु वर्मा ने कहा एचपीसीएल से मिले प्रस्ताव की पुष्टि की और बताया हम चाहते हैं काम जल्द से जल्द पूरा हो। विस्तृत प्रस्ताव आने पर संचालक मंडल भी जल्दी मंजूरी दे देगा।