bhaskar Web English
HomeNewsMadhya PradeshGwalior Gwalior

इलाहाबाद बैंक में संयुक्त खाता है रमाकांत और कमलेश का

भिंड. जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी करने वाले इंस्पेक्टर रमाकांत वाजपेयी और प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा दोनों ने भोपाल की इलाहाबाद बैंक में संयुक्त खाता खुलवाया था। इस संयुक्त खाते में दोनों के पति-पत्नी के रूप में छायाचित्र भी लगे हैं।

जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने वाले इंस्पेक्टर रमाकांत वाजपेयी के खिलाफ जब पुलिस अधीक्षक भोपाल के कार्यालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा (39)पुत्री सूरजप्रकाश मिश्रा निवासी कोहफिजा रोड भोपाल द्वारा नवंबर 2006 को एक शपथपत्र देकर कहा गया कि रमाकांत वाजपेयी ने उनके साथ 1 जुलाई 2006 को भोपाल में भदभदा रोड स्थित एक मंदिर में शादी रचाई थी।

कमलेश मिश्रा की यह दूसरी शादी थी। कमलेश के पहले पति उपनिरीक्षक पीके मिश्रा का काफी समय पहले अलगाव हो चुका है। शपथपत्र में कहा गया है कि इस शादी में उनके मित्र और परिजन भी मौजूद थे। शपथपत्र में कहा गया है कि शादी के वक्त रमाकांत ने कहा था कि वे अपनी पहली पत्नी को तलाक दे देंगे,लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और वे अब शादी की बात से भी इनकार कर रहे हैं।

शपथपत्र में यह भी कहा गया है कि रमाकांत के साथ उसका भोपाल की इलाहाबाद बैंक में एक संयुक्त खाता भी है। इस खाते क ा नंबर 12032 है। इस खाते में कमलेश मिश्रा की जगह कमलेश वाजपेयी नाम लिखा गया है।

बैंक के दस्तावेजों में कमलेश के साथ रमाकांत वाजपेयी का भी छायाचित्र लगा है। जब यह शपथपत्र भिंड आया तो पुलिस अधीक्षक निरंजन वी वायंगणकर ने शपथपत्र की जांच का काम उपपुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपा।

पड़ताल के दौरान ही भिंड पुलिस की ओर से 24 फरवरी 2008 को एक पत्र इलाहाबाद बैंक की भोपाल शाखा को लिखा गया। इस पत्र के आधार पर खाता क्रमांक 12032 की जानकारी चाही गई थी। बैंक द्वारा भेजी गई जानकारी और कमलेश मिश्रा द्वारा शपथपत्र में उल्लेखित जानकारी मेल खाती है।

शादी के दस्तावेज नहीं मिले पुलिस को
पड़ताल के दौरान उपपुलिस अधीक्षक भिंड द्वारा कमलेश मिश्रा के नाम कई बार पत्र भेजकर शादी के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। इसके लिए 15 मार्च 2008 की तारीख भी नियत की गई थी। बताया जाता है कि इसके लिए यहां से एक टीम भी भोपाल भेजी गई थी, लेकिन कमलेश मिश्रा द्वारा बताए गए पते पर वह उपलब्ध नहीं हुई। कमलेश मिश्रा द्वारा रमाकांत वाजपेयी के साथ शादी किए जाने का प्रकरण अभी तक जांच में लंबित है।

एसडीओपी करेंगे खुदकुशी की जांच
इंस्पेक्टर रमाकांत वाजपेयी द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी किए जाने की जांच पुलिस अधीक्षक निरंजन वी वायंगणकर द्वारा गोहद के एसडीओपी अरुणदत्त मिश्रा को सौंपी गई है। हालांकि इस प्रकरण में सीआईडी से पड़ताल कराने के लिए भी उनके द्वारा पुलिस महानिरीक्षक चंबल रेंज को पत्र लिखा जा चुका है।

सीआईडी जांच होगी : सीएम
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह घोषणा की कि टीआई रमाकांत वाजपेयी के आत्महत्या मामले की सीआईडी जांच कराई जाएगी।

कमलेश है भोपाल पुलिस की भगोड़ा प्रधान आरक्षक
भोपाल.

टीआई रमाकांत वाजपेयी की आत्महत्या का कथित रूप से कारण बनी महिला पुलिसकर्मी भोपाल पुलिस की भगोड़ा प्रधान आरक्षक है। इस कारण पुलिस ने उसका वेतन भी रोक दिया है। बताया जाता है कि कमलेश पुलिस मुख्यालय की सीआईडी से भोपाल जिला पुलिस में दिसंबर 06 को आई थी, लेकिन कुछ दिन काम करने के बाद वह गायब हो गई।

बीच-बीच में कुछ दिन कमलेश ने पुलिस में आमद दी और बिना सूचना के काम पर नहीं आई। इस बीच सीआईडी में एक विभागीय जांच के लिए उसे बुलाया गया था। अभी वह बिना सूचना के सितंबर 07 से गायब है। पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद का कहना है कि कमलेश मिश्रा गायब है इसलिए उसका वेतन रोक दिया गया है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: