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शिकायत पर मचा बवाल

रायपुर. मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा सरकार के खिलाफ लोकआयोग में की गई शिकायत से बेफिक्र हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में पहले ही इन मुद्दों का समाधान किया जा चुका है।

श्री सिंह ने आज सरकारी अतिथिगृह पहुना में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि हमने विधानसभा में इन आरोपों से संबंधित सभी बिंदुओं पर तीन दफे चर्चा कराई है। इन आरोपों में दम नहीं है। सरकार किसी भी मुद्दे पर लेशमात्र भी पीछे नहीं हटेगी।

लोक आयोग में शिकायत से सरकार को कोई परेशानी नहीं होगी। मुख्यमंत्री से बसपा के बढ़ते प्रभाव के बारे में भी बात की गई। बसपा की चुनौती को किस प्रकार ले रहे हैं? पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बसपा एक राजनीतिक दल है। एक राजनीतिक दल के रूप में वह अपनी गतिविधियां बढ़ा रही है। यूपी में उनकी पहले ही सरकार है। सभी दलों को हक है कि वे अपना वर्चस्व बढ़ाएं। इस लिहाज से बसपा का प्रयास अच्छा है।

रमन की बातों में दम नहीं, दंभ : महंत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चरणदास महंत ने कहा कि सड़क निर्माण के संबंध में हुए भ्रष्टाचार के बारे में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह झूठ बोल रहे हैं। मामले में दम नहीं बोलकर वे अपना दंभ सामने कर रहे हैं। कांग्रेस ने पूरे तथ्यों के साथ हाईकोर्ट के निर्देश पर लोकायोग में प्रकरण दर्ज कराया है। जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

श्री महंत ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश बिस्सा ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगाकर तथ्यपूर्ण आरोप लगाए। उन तथ्यों के आधार पर ही हाईकोर्ट ने 1अप्रैल 08 के आदेश में लिखा है कि इन तथ्यों की जांच पुष्टि के लिए एक तथ्यपरक जांच की आवश्यकता है। लोक आयोग से इसकी जांच कराई जाए। उसके बाद ही कांग्रेस ने लोकायोग में तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।

उच्च न्यायालय की याचिका में सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया और मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं कि हाईकोर्ट में सरकार ने जवाब दे दिया है। उनका बयान हाईकोर्ट की अवमानना करने वाला है। मुख्यमंत्री इतनी बात भी नहीं समझ रहे कि मुद्दे दम नहीं होता, तो हाईकोर्ट याचिका को खारिज कर सकती थी। हाईकोर्ट और मुख्यमंत्री का नजरिया अलग-अलग है।

दरअसल मुख्यमंत्री जांच प्रक्रिया से घबरा रहे हैं और जांच प्रक्रिया पर दबाव डालना चाहते हैं। मुख्यमंत्री का यह कहना भी गलत है कि कांग्रेस 20 साल बाद सवाल उठाएगी तो उसका भी जवाब दिया जाएगा। वास्तव में यह मुख्यमंत्री की अज्ञानता है। कांग्रेस को यह पता है कि कौन सा सवाल कब उठाना है। कांग्रेस के द्वारा सवाल उठाने पर ही हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की है।





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