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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. स्वतंत्रता संगाम के शहीदों को नमन करने की खातिर शनिवार को देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में आयोजित कार्यक्रम में शहर के मंत्री, पार्षद सहित कांग्रेस, भाजपा के दिग्गज नेता नदारद रहे। शासन, प्रशासन, संस्थाओं व पार्टियों की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में भी उपस्थिति क्षीण रही।
सन् 1857 में भारत का स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ, यह उसकी स्मृति का 150 वर्ष है, इसलिए शहीदों के सम्मान में 150 सेकेंड की मौन श्रद्धांजलि का अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया, परंतु इसे दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि शहीदों के लिए दिग्गज नेता ढाई मिनट का भी समय नहीं निकाल पाएं। 1857 के क्रांतिवीरों के त्याग को जेहन में बसाने की दृष्टि से श्रद्धांजलि का समय 18.57 बजे याने 6.57 बजे रखा गया था।
दीक्षित सभा भवन के कार्यक्रम में शहर के मंत्री अमर अग्रवाल निर्धारित समय पर नहीं पहुंचे। श्रद्धांजलि के कार्यक्रम के बाद ‘वंदेमातरम’ के कार्यक्रम में वे तथा राज्य मंत्री डा. कृष्णमूर्ति बांधी पहुंचे। श्रद्धांजलि के वक्त 400 की क्षमता वाले हाल का दो तिहाई हिस्सा खाली था। पार्षदों की संख्या नगण्य थी।
कुछ इसी तरह का आलम कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम में नजर आया, जहां कुल जमा 10 लोग थे। इनमें विधायक बलराम सिंह, जफर अली, विश्वंभर गुलहरे, श्याम कश्यप, धर्मेश शर्मा, अरुण तिवारी, विजय दुबे, डा. बी सिंह प्रमुख थे।
इसी प्रकार दीक्षित सभा भवन के कार्यक्रम में मंच पर मेयर अशोक पिंगले, जिपं अध्यक्ष मुनीराम साहू, कलेक्टर सुबोध सिंह, एडीशनल कलेक्टर धनंजय देवांगन, नगर निगम आयुक्त एमए हनीफी, भाजपा के प्रदेश महामंत्री धरमलाल कौशिक मौजूद थे।
हाल में पार्षद राजेश मिश्रा, स्नेहलता शर्मा, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष अरुणा दीक्षित, भाजपा के नगर अध्यक्ष शंकर, रजक, राजेश इंदौरिया, आलेख वर्मा, गिरीश शुक्ला, जवाहर साहू, अजय शर्मा आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
शहर में विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में उक्त दो कार्यक्रम प्रमुख थे, जिसमें कांग्रेस एवं भाजपा संगठन, पार्षद दल, उसके नेता, पदाधिकारियों की उपस्थिति नगण्य रही। नेताओं की जगह इन कार्यक्रमों में आम नागरिकों की उपस्थिति उत्साहजनक मानी जा सकती है।
गोलबाजार में सेवा भारती एवं आरएसएस द्वारा हनुमान मंदिर के पास शहीदों की स्मृति में दीप प्रज्वलित करने का कार्यक्रम था, जिसमें संघ के प्रमुख रामचंद्र दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।