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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
अब स्टेट बैंक से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत की सुनवाई राजधानी रायपुर में हो सकेगी। स्टेट बैंक प्रबंधन ने बिना कोई पूर्व सूचना के नेहरू चौक के पास बीडीए भवन पर संचालित रीजनल आफिस को रायपुर ट्रांसफर कर दिया है। रीजनल आफिस के न होने पर आम जनता, व्यवसायियों समेत बैंक कर्मियों को भी परेशानी होगी।
स्टेट बैंक का रीजनल कार्यालय 15 साल से बीडीए भवन में संचालित था। इसके अंतर्गत 100 स्टेट बैंक आते थे। रीजनल आफिस में अधीनस्थ बैंकों की खामियों, कर्मचारियों द्वारा र्दुव्यवहार, सुझाव व असंतोष पर तत्काल कार्रवाई की जाती थी। व्यवसायियों को भी बड़ा लोन मिलने में होने वाली दिक्कतों का निपटारा हो जाता था।
रीजनल आफिस होने से कर्मचारियों को भी सुविधा होती थी। स्टेट बैंक के स्थानीय शाखाओं की छवि भी रीजनल बैंक के कारण काफी अच्छी थी। रीजनल आफिस के माध्यम से शासन की नीतियों व स्थानीय जनता के लिए उपयोगी योजनाओं का बखूबी संचालन होता था।
इसके बाद बिना किसी पूर्व सूचना के आफिस को रायपुर ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि इसकी जानकारी होने पर छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ ने भोपाल कार्यालय को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है।
संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया ने बताया कि प्रबंधन द्वारा उपेक्षापूर्ण कार्रवाई की गई है। एक ओर जहां बिलासपुर कार्यालय को स्थानांतरित किया गया है, वहीं कोरबा व जगदलपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों को चालू रखा गया है। संघ ने इसका विरोध जताया है।
>> पूर्व में 5 रीजन थे, जिससे सभी ब्रांच में प्रभावी ढंग से नियंत्रण नहीं हो पाता था। अब बिलासपुर, कवर्धा व महासमुंद को मिलाकर एक नया रीजन बनाया गया है। रायपुर हेडक्वार्टर से इन पर प्रभावी ढंग से कार्य लिया जा सकता है, इसलिए रीजनल आफिस का ट्रांसफर किया गया है।
प्रसाद नायर पूर्व एजीएम बिलासपुर रीजन