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'किसी की राय से नहीं, देशहित में हो करार'

रायपुर. पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत ने कहा कि अमेरिका के साथ परमाणु समझौता देश के हितों के मद्देनजर ही होना चाहिए न कि कलाम या शेखावत या फिर किसी अन्य की राय से।

शेखावत ने रविवार को यहां पत्रकारों के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के परमाणु समझौते के समर्थन संबंधी बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कलाम की क्या राय है या शेखावत की क्या राय है और कौन इसके पक्ष में है या कौन विरोध में, इससे ज्यादा मायने इस बात का है कि समझौता देश हित में हो।

शेखावत यहां प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की याद में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। उन्होंने इस बारे में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ [आरएसएस] या अन्य के विरोध संबंधी पूरक प्रश्नों पर कोई टिप्पणी नहीं की। आरएसएस के मुख्य पत्र आर्गेनाइजर के ताजा अंक में प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से वामदलों से इस बारे में चल रही बातचीत को देशहित में तत्काल समाप्त करने की मांग की है।

परमाणु समझौते पर मचे घमासान के बीच पूर्व राष्ट्रपति कलाम ने शनिवार को इस समझौते की वकालत करते हुए कहा था कि इससे देश में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि इससे देश की संप्रभुता खतरे में पड़ जाएगी।





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