नई दिल्ली. रेल मंत्रालय उन विभागों व संगठनों की सूची में शीर्ष पर है, जिनके अधिकारियों के खिलाफ केंद्रीय सतर्कता आयोग ने ‘बड़ा जुर्माना’ लगाने की सिफारिश की है। सूची में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) दूसरे नंबर पर है। ड्यूटी पर लापरवाही बरतने और भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों के खिलाफ आयोग ऐसी सिफारिश करता है।
2008 की पहली तिमाही के दौरान एक अध्ययन से पता चलता है कि आयोग ने रेल मंत्रालय के 37 और डीडीए के 26 अधिकारियों पर ‘बड़ा जुर्माना’ लगाने की सिफारिश की है। इस मामले में पब्लिक सेक्टर बैंक भी पीछे नहीं हैं। रिपोर्टे के मुताबिक, आयोग ने इसी समयावधि के दौरान पब्लिक सेक्टर बैंकों के 67 अधिकारियों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई शुरू करने की सलाह दी है। केंद्रीय एक्साइज एवं कस्टम बोर्ड (सीबीईसी) के 60 अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
आयोग ने ऐसे 19 मामलों की ओर भी इशारा किया है, जिनमें उसकी सिफारिशों और अधिकारियों पर विभागों या संगठनों द्वारा लगाए गए जुर्माने में अंतर पाया गया है। सीबीईसी और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ऐसे विभागों में शीर्ष पर है, जिन्होंने आयोग की सिफारिश के मुताबिक जुर्माना नहीं लगाया है। पहली तिमाही में दोनों विभागों में इस तरह के चार-चार मामले सामने आए हैं। रिपोर्टे के अनुसार, आयोग ने इस साल अभी तक सीबीईसी के 13 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे की सिफारिश भी की है।