नंदीग्राम.
पश्चिम बंगाल से माकपा के सांसद और सीआरपीएफ के डीआईजी के बीच तब विवाद हो गया जब सांसद ने केंद्रीय बल के इस अधिकारी पर तीन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया। डीआईजी के खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। इस बीच, क्षेत्र में चुनावी हिंसा का सिलसिला जारी है और कई लोगों के घायल होने की रिपोर्टे मिली हैं।
माकपा सांसद लक्ष्मण सेठ ने दावा किया कि केंद्रीय बल के डीआईजी ने राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि राज बिना मजिस्ट्रेट को साथ में लिए प्रभावित इलाके में घूम रहे थे। इस पर आलोक ने बताया कि सेठ उन पर दबाव बनाना चाहते हैं। ‘गलत’ एफआईआर से उन्हें ठेस लगी है। उन्होंने कहा कि वे अदालत की शरण में जाएंगे। इसके पहले सांसद व डीआईजी के बीच फोन पर गरमा-गरम बहस भी हो गई थी।
एफआईआर : यहां के सोनाचुरा गांव की दो महिलाओं ने अपनी एफआईआर में कहा है कि पिछली रात छापे के दौरान राज ने उन्हें पीटा और उनसे छेड़छाड़ की। नंदीग्राम पुलिस थाने के इंचार्ज देबाशीष चक्रवर्ती ने भी कहा है कि मुझे सीआरपीएफ के जवानों ने पीटकर घायल कर दिया है।
हिंसा में कई घायल : पश्चिम बंगाल के पांच जिलों में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के दौरान तृणमूल कांग्रेस और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई विभिन्न झड़पों में 20 लोग घायल हो गए। कुछ स्थानों पर बूथ पर कब्जा करने और सामग्री लूटने आदि की शिकायतें भी मिली हैं।