इंदौर. हिमाचल में डीपीटी, बीसीजी वैक्सीन उत्पादन बंद होने की खबर ने स्वास्थ्य विभाग को भी चिंता में डाल दिया है। हालांकि इंदौर में 3 माह का स्टॉक है, जो 7 जिलों के लिए है। यह टीका बच्चों को टीबी, कुकर खांसी और टिटनस से बचाने के लिए लगता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद पंडित ने बताया नेशनल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम के तहत हर बार तीन महीने का वैक्सीन उपलब्ध कराया जाता है। इंदौर जिले में हर साल लगभग 84 हजार और अन्य जिलों में 60 हजार टीके लगते हैं। फिलहाल इंदौर में 21 हजार वैक्सीन उपलब्ध हैं। हमें प्रदेश के दूसरे जिलों को सप्लाय नहीं करना पड़ा तो तीन महीने तक परेशानी नहीं आएगी।
डॉ. पंडित ने बताया उत्पादन शुरू नहीं हुआ तो सरकार को विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ आदि से वैक्सीन मंगवाना पड़ेगा क्योंकि इसका फिलहाल कोई विकल्प नहीं है।
कब-कब लगता है नवजात को टीका
वैक्सीन- समय - बचाव
बीसीजी- एक महीने के भीतर- टीबी संक्रमण
डीपीटी- डेढ़, ढाई, साढ़े तीन महीने- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना