इंदौर. माणिकबाग ओवरब्रिज के पास रहने वाली सरकारी स्कूल की शिक्षिका की रविवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पति उसे आनंद हॉस्पिटल ले गया। वहां उसके ही परिजन ने जमकर हंगामा मचाया और अस्पताल प्रबंधन पर संदेह जाहिर किया। पति, बेटे व बेटी के बयानों में अंतर के कारण मामला उलझ गया है। पति के चरित्र को लेकर बेटी ने ही आरोप लगाए हैं।
आदित्य रीजेंसी के फ्लैट-301 में रहने वाली शीला टहलरमानी (50) को रविवार दोपहर 4 बजे पति मुरलीधर आनंद हॉस्पिटल ले गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद मुरलीधर की बहन मीतू, उसका पति व अन्य रिश्तेदार पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था मुरलीधर का दोस्त प्रवीण आचार्य पहले इसी हॉस्पिटल में पीआरओ था। शीला की संदेहास्पद मौत को भी दोनों अस्पताल प्रबंधन के साथ मिलकर दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
घटना के बाद मुरलीधर ने छोटी बहन मोहिनी को फोन पर बताया था उसे चोइथराम हॉस्पिटल ले जा रहे हैं, जबकि पहुंचे यहां। अस्पताल से पुलिस को भी सूचना नहीं दी गई। बाद में पहुंचे टीआई मोहनसिंह ने परिजन को समझाने की कोशिश की। इस दौरान उनकी झड़प भी हुई। फिर एफएसएल प्रभारी डॉ. सुधीर शर्मा को भी बुलाया।
पति और बेटी के बयान में अंतर
एमपीईबी पोलोग्राउंड में टेक्नीशियन मुरलीधर ने कहा- मैं कमरे में सो रहा था। तब बेटी विशाखा (18) ने जगाकर कहा मम्मी बाथरूम में है और दरवाजा नहीं खोल रही हैं। मैंने दरवाजा तोड़ा और फंदे से उतारकर अस्पताल ले आया। विशाखा ने बताया- मम्मी दोपहर 2.30 बजे नहाने गईं थीं। एक घंटे तक बाहर नहीं आईं और बाथरूम का नल चालू था तो पापा को जगाया। उन्होंने टंकी से पानी बंद करने के लिए छत के दरवाजे की चाबी लेने भेज दिया। लौटी तो देखा दरवाजा खुला था और मम्मी बेहोश पड़ी हैं। मैंने उन्हें फंदे पर लटके नहीं देखा।