bhaskar Web English
HomeNewsMetrosIndore Indore

दिखाई नई राह

इंदौर. जो काम सुविधा संपन्न अस्पताल और डॉक्टर नहीं कर सके वह गांधीनगर उप स्वास्थ्य केंद्र की दो महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एएनएम, आक्जीलरी नर्स मिडवाइफ) श्रीमती सुदेश मिश्रा व शशि व्यास ने कर दिखाया। इस केंद्र से एक साल में एक भी मामला अस्पताल रैफर नहीं किया गया और एक माह में 18 नार्मल डिलीवरी हुईं। इनमें भी दो मामले पूर्व में ऑपरेशन के थे। यही नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने दो साल तक इस केंद्र को प्रसूति के लिए बंद ही कर दिया था किंतु दोनों एएनएम के विश्वास के चलते यहां महिलाएं डिलीवरी के लिए आती रहीं।

मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद पंडित ने कहा गांधीनगर को आदर्श मानकर हम ने जिले के अन्य 110 उप स्वास्थ्य केंद्रों को भी अपग्रेड करने की प्रक्रिया चालू कर दी है। गांधीनगर सहित बुनियादी सुविधाओं वाले कुछ उप स्वास्थ्य केंद्रों में 47 विजिटिंग डॉक्टर (स्त्री व शिशु रोग विशेषज्ञ) 15 मई से बैठने लगेंगे। गांधीनगर की दोनों एएनएम को दो-दो हजार रुपए पुरस्कार स्वरूप दिए जाएंगे।

श्रीमती मिश्रा ने कहा जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाला लाभ नहीं दिए जाने से यहां प्रसूति बंद कर दी गई थी। सरकार के स्पष्ट निर्देश थे कि एएनएम स्वयं के भरोसे पर ही प्रसूति करवाएं। प्रसूताओं के विश्वास ने ही हमारा हौंसला बढ़ाया और दो साल में 60 से ज्यादा नॉर्मल डिलीवरी हुईं। इस दौरान कोई केस बिगड़ा भी नहीं।

मेरा विश्वास बढ़ा
गांधीनगर की पवन कलोता ने कहा एएनएम सुदेश मिश्रा के विश्वास ने मुझे प्रसव में काफी सुविधा दी। लोग कहते हैं पहला बच्च ऑपरेशन से होता है तो दूसरा भी वैसे ही होता है किंतु मैं खुद इसकी अपवाद हो गई हूं। प्रसूता पुष्पा शर्मा ने कहा मैंने 27 अप्रैल को बच्चे को जन्म दिया। इसके पहले भी मेरा एक लड़का था जिसका जन्म इसी केंद्र पर हुआ था। डॉक्टर के यहां होने की मुझे जानकारी थी किंतु स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के काम ने मेरा विश्वास बढ़ाया।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: