नई दिल्ली. कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि भारत में खाद्यान्न की कीमतें दूसरे देशों के मुकाबले कम बढ़ी हैं। पवार ने एनसीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा जहां विश्व बाजार में गेहूं के दाम सौ फीसदी बढ़ गए हैं, भारत में 7 फीसदी बढ़े हैं। विश्व बाजार में चावल की कीमतें 120 फीसदी बढ़ी हैं, वहीं भारतीय बाजार में 17 फीसदी बढ़ी हैं।
पवार की राय है कि अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का एक हिस्सा होने के कारण घरेलू बाजार में भी कीमतों पर असर पड़ेगा। अनाज की कीमतें बढ़ने का कारण पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतें बढ़ना और कृषि की लागत बढ़ना है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने किसानों के हित में नीतियां बनाई हैं, जिससे अनाज का उत्पादन 22.73 करोड़ टन हो गया है। पवार ने कहा कि सरकार पहले ही 185 लाख टन अनाज संग्रहण कर चुकी है। यह पिछले साल के मुकाबले दोगुना है। देश के अनाज भंडार पूरे भरे हैं, इसलिए गेहूं आयात करने की जरूरत नहीं है।
राज्यों से मदद के बारे में पवार ने कहा कि जिन राज्यों में खाद्यान्न का अतिरिक्त उत्पादन हो रहा है, वे राष्ट्रीय भंडार में अनाज दें ताकि सभी राज्यों को उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
पश्चिम का त्राहिमाम
नई दिल्ली. अमेरिका, फ्रांस समेत पांच बड़े देशों ने भारत को त्राहिमाम (हमे बचाओ) संदेश भेजा है। इन देशों ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि गैर बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध हटाएं ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चावल की बढ़ती कीमतों पर काबू पाया जा सके। पिछले एक महीने में अंतराराष्ट्रीय बाजार में चावल के दाम में 32 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है। जिससे विकसित देशों के सामने भी महंगाई का संकट गहरा गया है।