जयपुर/कोटा. भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी गोपीनाथ मुंडे ने भी जयपुर और कोटा में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर साफ इशारा किया कि सिंघवी को बख्शा नहीं जाएगा। मुंडे ने कहा कि जमीन घोटालों की जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह कितना ही बड़ा कार्यकर्ता हो या मंत्री ही क्यों न हो। मुंडे ने हालांकि किसी का नाम नहीं लिया लेकिन जाहिर है कि उनका इशारा सिंघवी की तरफ ही था। जमीनों के विवाद में अब तक राज्य मंत्रिमंडल में शामिल एक ही सदस्य का ज्यादा नाम उछला है और वह है प्रतापसिंह सिंघवी।
मुंडे ने कोटा रवाना होने से पहले यहां भाजपा मुख्यालय में बातचीत में कहा कि जो भी मामले सामने आए हैं उनकी जांच करवाई जा रही है। सरकार ने कहीं कोई घोटाला नहीं किया हैं।
यह व्यक्तिगत मामला है और इसमें किसी को बख्शने का कोई इरादा नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि व्यक्ति विशेष को टारगेट बनाकर कार्रवाई करने संबंधी प्रश्न पूछा तो उन्होंने कहा कि इस बाबत प्रदेश नेतृत्व से बात की जाएगी। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा प्रकरण में मुंडे ने कहा कि किरोड़ी अच्छे आदमी हैं और इनकी नाराजगी दूर करने के लिए बात करेंगे।
आईआईटी कोटा में ही खुलेगी : कोटा में अनुसूचित जाति के महाकुंभ में केंद्र की यूपीए सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मुंडे ने कहा कि केंद्र सरकार कोटा में आई आई टी खोलने से पीछे हट रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि छह माह के बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनती है तो, कोटा को तत्काल आई आई टी दे दी जाएगी।
फिर मंत्री क्यों बने हुए हैं!
सरकार सिंघवी की जमीनों के कागजात की छानबीन में व्यस्त है। खुद प्रदेश प्रभारी गोपीनाथ मुंडे भी दोषी मंत्री पर कार्रवाई का बयान दे चुके हैं। सिंघवी पर तो जमीनों के अलावा तबादलों में भी भ्रष्टाचार के संगीन आरोप विधानसभा में लग चुके हैं। इसके बावजूद वे मंत्री बने हुए हैं। क्यों? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
तीन बंगले किसके? : जयपुर के प्रतापनगर स्थित एनआरआई कॉलोनी में वन मंत्री प्रतापसिंह सिंघवी के रिश्तेदारों के नाम तीन बंगले हैं। इन बंगलों के नक्शों में न केवल अनियमिताएं बरती गई बल्कि अतिरिक्त निर्माण किया गया। एनआरआई में पी-34 विशाल बोहरा, आर-3 भीमराज बोहरा एस.64 सूरज बोहरा। हालांकि पुष्टि नहीं हुई लेकिन कहा जाता है कि इन सब में पैसा सिंघवी का ही लगा हुआ है।