जयपुर. हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष सरदार अजयपालसिंह के बाद अब सरकार वन राज्यमंत्री प्रतापसिंह सिंघवी के भ्रष्ट कारनामों को उजागर करेगी। जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर नीमराणा के पास स्थित बेनामी जमीन की अवाप्ति कार्रवाई शुरू करने के बाद रविवार को जैसलमेर में एक हैरिटेज होटल और जयपुर स्थित सेज (विशेष आर्थिक जोन) में 45 बीघा जमीन चिह्न्ति की गई है।
सूत्रों के अनुसार जैसलमेर के जिस हैरीटेज होटल को चिह्न्ति किया गया है, उसमें सिंघवी की साझेदारी बताई जाती है। जयपुर के सेज में सिंघवी के रिश्तेदार विशाल बोहरा द्वारा अपने नौकर के नाम से 45 बीघा जमीन के आरक्षण पत्र खरीदे जाने का पता चला है। बताया जाता है कि मुआवजे की इस जमीन में भी सिंघवी का ही पैसा लगा हुआ है। इनके साथ ही सरकार कोटा, बारां, जयपुर सहित कई जगहों की बेनामी संपत्तियों का रिकॉर्ड पहले ही मंगवा चुकी है।
आरोप हैं रिकॉर्ड पर
रिश्तेदार विशाल बोहरा के नाम से हाउसिंग बोर्ड योजनाओं के आसपास जमीनें खरीदने का आरोप। विधानसभा में कांग्रेस के श्रीगोपाल बाहेती ने लगाया। जयपुर के प्रताप नगर एनआरआई योजना में विशाल बोहरा को नियम विरुद्ध आवास आवंटित कराने का आरोप। वन विभाग में तबादले करने में भ्रष्टाचार का आरोप भी सिंघवी पर लगा।
सिंघवी ने भी किए सुलह के प्रयास
भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरने के बाद अब वन राज्यमंत्री सिंघवी भी सुलह के मूड में आ गए हैं। रविवार को उन्होंने जयपुर में मुख्यमंत्री के मध्यस्थ और राजस्थान क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष ललित मोदी से मुलाकात की। बताया जाता है कि सिंघवी सोमवार को मुंबई जा रहे हैं। बताया जाता है कि मोदी ने उन्हें मुंबई बुलाया है।